आवास निर्माण की भ्रामक जानकारी देना बंद करें नपाध्यक्ष : मीना

प्रमोद दुबे 

महासमुंद – वरिष्ठ पार्षद व नेता प्रतिपक्ष मीना वर्मा ने आवास निर्माण कार्यों को लेकर दी गई नपाध्यक्ष के वक्तव्य को तथ्यहीन, भ्रामक, व राजनैतिक दुर्भावना से ग्रसित बताते हुए कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पूर्वकाल में छत्तीसगढ़ की भूपेश बघेल के नेतृत्ववाली कांग्रेस सरकार को प्रधानमंत्री आवास की लगभग 7 लाख गरीबों के पक्के आवास निर्माण की स्वीकृति और केंद्रांश की राशि आबंटित की गई थी। परंतु, अपनी गलत नीतियों और राजनैतिक विरोधी भावनाओं के चलते कांग्रेस सरकार ने गरीबों के पक्के छत निर्माण कार्य के सपनेको चकनाचूर कर दिया। आवास निर्माण के लिए भाजपा की सरकार को गरीब विरोधी बताने वाले नपाध्यक्ष राशि महिलांग के विज्ञप्ति को आधारहीन बताते हुए पार्षद मीना वर्मा ने कहा कि पूर्व की कांग्रेस सरकार के नेतृत्वकर्ताओं की सच्चाई प्रदेश की जनता के सामने है। भूपेश सरकार ने 5 सालों के कार्यकाल में कोई उल्लेखनीय विकास निर्माण कार्य जनहित में किया ही नही था। भ्रष्ट्राचार और घोटालों में डूबी सरकार ने केवल उन्ही कार्यों को अपनी प्राथमिकता में रखा था। जिसमें कमीशनखोरी और दलाली की पूरी गुंजाइश थी। गरीबों के आशियाने को छीनने का कुत्सित प्रयास करने वाले कांग्रेसी नेताओं को पहले अपने गिरेबां में झांककर देख लेना चाहिए कि अपनी सरकार के कार्यकाल में उन्होंने कितने गरीब परिवार को आवास की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए पहल किया है। नेता प्रतिपक्ष मीना ने कहा कि राज्य के शहरी क्षेत्रों में आवास निर्माण कार्य लगातार जारी है और नवगठित केंद्र सरकार से मंजूरी मिलने पर शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में आवास निर्माण कार्य में अतिशीघ्र और तेजी आएगी।