राजस्व अमले की मनमर्जी के कारण आम जनता त्रस्त : चोपड़ा।

प्रमोद दुबे 

महासमुंद – भाजपा प्रदेश प्रवक्ता एवं पूर्व विधायक डॉ. विमल चोपड़ा ने झलप उपतहसील में घटित मारपीट की घटना को असंवेदनशीलता का परिणाम बताते हुए इसकी निंदा की है। डॉ. चोपड़ा ने कहा कि इस घटना के तह में जाने की जरूरत है। घटना के समस्त कारणों का विश्लेषण कर कारवाई करने की आवश्यकता है। झलप उपतहसील में लेनदेन की शिकायत काफी लंबे समय से मिल रही थी, जिससे क्षेत्र के लोगों में काफी आक्रोश व्याप्त था। डॉ. चोपड़ा ने कहा कि राजस्व अमले की मनमर्जी के कारण सभी स्थानों पर आम जनता त्रस्त है। यहां तक की पूर्व में कांग्रेस के मुख्यमंत्री भी अनेक बार चेतावनी दे चुके हैं। परंतु, उसका कोई भी असर नहीं हुआ एवं स्थिति और बिगड़ती चली गई। आम आदमी राजस्व विभाग के छोटे से काम के लिए वर्षों चप्पल घिसता है परंतु, न्यायसंगत होते हुए भी प्रकरण को खारिज कर दिया जाता है। जो प्रकरण कार्यालय के होते हैं एवं सिटीजन चार्टर में जिनकी समय सीमा तय है उन्हें भी न्यायालयीन प्रकरण बनाकर तारीख पर तारीख का खेल खेला जाता है। राजस्व विभाग के अधिकारी नेताओं के अनुरोध को भी बुरा मानते हैं। जबकि, अनुरोध न्याय संगत प्रकरण पर होता है। महासमुंद एसडीएम कार्यालय में एक दिन में 20-25 लोग अपनी समस्या लेकर आते हैं और कार्यालय में तीन-चार अधिकारियों के साथ 20-25 कमर्चारियों की टोली भी उनका निपटारा नहीं कर पाती। जबकि, इसमें नए प्रकरण 7-8 ही रहते हैं, इन कारणों से कार्य की पेंडेंसी बढ़ती जाती है। डॉ. चोपड़ा ने छत्तीसगढ़ सरकार की छापामार नीति का समर्थन करते हुए इसमें और तेजी लाने की मांग की है।