हृदय रोगियों के लिए है अर्जुन की छाल कारगर आयुर्वेदिक औषधि- राकेश

सुरेन्द्र मिनोचा

मनेद्रगढ़/एमसीबी – भारत में औषधीय पौधों की जानकारी वैदिक काल से ही हमारे ऋषि मुनियों को रही है।वंश परंपरागत जड़ी बूटियों से चिकित्सा देश के ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में अभी भी किया जाता हैं -उक्त बातें पतंजलि योग समिति के वरिष्ठ योग साधक राकेश अग्रवाल ( गुल्लू) ने हृदय रोग में उपयोगी वनस्पति -“अर्जुन की छाल” के संबंध में व्यक्त की हैं। अर्जुन के गुण धर्म और लाभ बताते हुए योग साधक राकेश ने पतंजलि योग समिति के पदाधिकारियों एवं जरुरतमंदो रोगियों को अर्जुन की छाल निशुल्क उपलब्ध कराने की घोषणा की है ।उत्तम सेहत के लिए इसे सेहत कवच बताते हुए उन्होंने कहा कि अर्जुन की छाल एक आयुर्वेदिक औषधि है, प्राचीन समय में इसका इस्तेमाल कमजोर हृदय को दुरुस्त करने के लिए किया जाता रहा है, इसमें पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट और ढेर सारे तत्वों के कारण यह बुखार और सर्दी जुकाम जैसी बीमारियों और स्वास्थ्य के लिए भी बहुत लाभदायक मानी जाती है। वरिष्ठ समाजसेवी एवं परमार्थ के लिए जरूरतमंदों को सहयोग प्रदान करने वाले, पतंजलि योग समिति से जुड़े वरिष्ठ योग साधक राकेश अग्रवाल ने कहा कि अर्जुन की छाल हृदय रोगियों के लिए अत्यधिक प्रभावी औषधि है, दरअसल अर्जुन की छाल में ट्राईटरपेनाईट नामक एक तत्व पाया जाता है ,जो हृदय से जुड़ी बीमारियों को नियंत्रित रखता है। अर्जुन की छाल के सेवन से ब्लड प्रेशर की परेशानी को भी खत्म किया जा सकता है, वही अर्जुन के छाल में जो आयुर्वेदिक तत्व होते हैं वह संपूर्ण स्वास्थ्य को लाभ पहुंचाते हैं।उन्होंने कहा कि डायबिटीज के मरीजों के खून में शुगर की मात्रा काफी बढ़ जाती है, इस दौरान अर्जुन की छाल का काढ़ा पीना शुगर के स्तर को नियंत्रित करता है।योग साधक एवं समाजसेवी राकेश अग्रवाल पिछले कई वर्षों से निशुल्क रूप से अर्जुन की छाल के उपयोग एवं लाभ बताकर सैकड़ो व्यक्तियों को नया जीवनदान दे चुके हैं।लोगों के उत्तम स्वास्थ्य के लिए जन सामान्य जरूरतमंद रोगियों के लिए आयुर्वेदिक औषधि अर्जुन की छाल के लिए पतंजलि योग समिति के वरिष्ठ पदाधिकारी सतीश उपाध्याय के मोबाइल नंबर – 9300091563 में या अग्रवाल लॉज मार्ग स्थित पतंजलि योग कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है।