छुरा में धूमधाम से निकाली गई भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा  ।

भूपेन्द्र सिन्हा छुरा

छुरा : – हर साल की तरह इस साल भी छुरा में भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा 7 जुलाई को मानस मंदिर प्रांगण भगवान जगन्नाथ मंदिर से निकाली गई, व पूरे नगर में रथ यात्रा भ्रमण किया, तथा ओडिसा से विशेष 60 लोगो की नाचा टोली आई हुई थी, साथ ही भगवान बजरंग बली का रूप धारण कर नगर पूरे नगर में रथ के साथ भ्रमण किया, जो लोगो के बीच काफी आकर्षण बना हुआ था। आपको बता दे की महाप्रभु जगन्नाथ की हर साल निकलने वाली रथ यात्रा आस्था, भक्ति का अलौकिक समागम है. जगन्नाथ रथ यात्रा हर साल आषाढ़ मास के द्वितीया तिथि को निकाली जाती है।

क्यों निकाली जाती है रथ यात्रा?

पद्म पुराण के अनुसार, भगवान जगन्नाथ की बहन सुभद्रा ने एक बार नगर देखने की इच्छा जाहिर की थी. तब जगन्नाथ जी और बलभद्र जी अपनी बहन सुभद्रा को रथ पर बैठाकर नगर दिखाने के लिए निकल पड़े. इस दौरान वे मौसी के घर गुंडिचा भी गए और 7 दिन तक वहां ठहरे. तभी से यहां पर रथयात्रा निकालने की परंपरा शुरू हुई है।

छेरा पहरा: रथ यात्रा दौरान छेरा पहरा की रस्म निभाई जाती है, जिसमें छुरा के राजा यशपेन्द्र शाह जी द्वारा यात्रा मार्ग को झाड़ू से स्वच्छ करते हैं। सनातन परंपरा के अनुसार ईश्वर के सामने हर व्यक्ति समान है। इसलिए रथ यात्रा में राजा साफ-सफाई का कार्य करते हैं।