शिक्षा में पुतली कला की भूमिका कार्यशाला में जिले की शिक्षिका सविता गुप्ता और हिमाद्रि विश्वकर्मा का चयन।

सुरेन्द्र मिनोचा

मनेंद्रगढ़/एमसीबी – सांस्कृतिक स्रोत एवं प्रशिक्षण केंद्र हैदराबाद संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार द्वारा आयोजित कार्यशाला NEP 2020 में शिक्षा में पुतली कला की भूमिका का कार्यक्रम19 जून से प्रारंभ होकर 3 जुलाई को संपन्न हुआ।इस कार्यशाला हेतु हमारे जिले मनेंद्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर से श्रीमती सविता गुप्ता प्राथमिक शाला चैनपुर एवं श्रीमती हिमाद्री माधुरी विश्वकर्मा प्राथमिक शाला कठौतिया का चयन हुआ, इन्होंने इस कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।प्रशिक्षण में शामिल हुए प्रतिभागी प्रशिक्षण प्राप्त करने के पश्चात वापस आ गए हैं। समापन में निदेशक राजीव कुमार ने शिक्षकों का उत्साहवर्धन किया व उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दी तथा विद्यालय में उत्कृष्ट कार्य करने हेतु प्रेरित किया। समापन में प्रतिभागियों ने पुतली कला का मंचीय प्रदर्शन भी किया।कार्यशाला में प्रशिक्षण देने हेतु आए हुए विभिन्न श्रेष्ठ शिक्षकों द्वारा पुतली कला गीत कविता वाद्य यंत्रों के द्वारा कक्षा को कैसे रोमांचक और मजेदार बनाया जा सकता है यह सिखाया गया।इसके अतिरिक्त क्षेत्रीय वाद्य यंत्रों के प्रयोग के बारे में भी सिखाया गया ।

इस कार्यशाला में आठ राज्यों के से आए हुए 45 शिक्षक सम्मिलित हुए, इसमें हमारे छत्तीसगढ़ से 10 प्रतिभागी शामिल हुए जिसमें मनेंद्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर से श्रीमती सविता गुप्ता व श्रीमती हिमाद्री माधुरी विश्वकर्मा , बलराम दास महासमुंद से भागीरथी अजय व सूरज कांति सरगुजा , लखनलाल कौशल खैरागढ़ , कमल रत्नाकर जांजगीर चांपा , मनीषा तिवारी गरियाबंद , प्रेमलता सिंह कोंडागांव एवं चेतन सार्वा मोहला मानपुर से शामिल हुए।