सुरेन्द्र मिनोचा
मनेन्द्रगढ़/एमसीबी – बच्चे देश का भविष्य हैं, आने वाले समय के नागरिक हैं, जो देश को नई दिशा देंगे और शिक्षा उन्हें वैचारिक रूप से सशक्त, समझदार बनाती है। प्राथमिक शाला सिंगरौली (जनकपुर) में विगत दिवस अंगना में शिक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत पढ़ई तिहार मनाया गया, जिसमें बीआरजी विधात्री सिंह ने बताया कि यह कार्यक्रम कोरोना काल से ही चल रहा है, जिसमें माताएं घर में ही बच्चों को घरेलू सामग्री से भी पढ़ा सकें।

जहां मेला लगा कर माताओं के समक्ष विभिन्न गतिविधियां कराई गई और नवप्रवेशित बच्चों का आकलन कर सपोर्ट कार्ड दिया गया। सपोर्ट कार्ड से माताओं को वास्तविक स्थिति का ज्ञान होगा और अपने बच्चों को बेहतर ढंग से पढ़ा पाएंगी। BRG विधात्री सिंह ने बताया कि यह कार्यक्रम स्व प्रेरित महिलाओं द्वारा शुरू किया गया कार्यक्रम है, जो कोरोना काल से आरंभ हुआ और अब यह विशाल रूप धारण कर चुका है क्योंकि इसके सार्थक प्रयास से बच्चों के स्तर में बढ़ोतरी साफ दिखाई पड़ रही है, साथ ही श्रीमती सिंह ने यह भी बताया कि अधिकारियों द्वारा निरंतर जांच से तथा सरकार के विभिन्न सफल प्रयास से बच्चों के स्तर में सुधार हो रहा है।CAC रावेंद्र कुशवाहा ने भी कार्यक्रम को लेकर सार्थक अनुभव साझा किया।

उक्त कार्यक्रम में पूर्व माध्यमिक शाला के प्रधान पाठक पूर्णानंद दुबे, शिक्षक बलराम सिंह, ओमप्रकाश राठौर, वर्षा सिंह, समस्त शाला स्टाफ, शासकीय प्राथमिक शाला प्रधान पाठक सुमित्रा सिंह, BRG विधात्री सिंह, सीएससी देवगढ़ रावेंद्र कुशवाहा, लेक्चर मनोज वर्मा, सिंगरौली सरपंच, सिंगरौली सचिव श्याम दिन गुप्ता, एमपीडब्ल्यू बेला तिवारी, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता गीता गुप्ता, सहायिका विद्यावती तिवारी, समस्त शासकीय प्राथमिक शाला स्टाफ, माताएं तथा ग्रामीण जन उपस्थित रहे।
