सुरेन्द्र मिनोचा
मनेंद्रगढ़/एमसीबी – क्षेत्र के नामचीन विद्यालय दिल्ली वर्ल्ड पब्लिक स्कूल में राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस (नेशनल डॉक्टर्रस डे) के सुअवसर पर एक विशेष सभा का आयोजन किया गया। इस सुअवसर पर विद्यालय प्रांगण में मनेन्द्रगढ़ के सुप्रसिद्ध चिकित्सक गण- डॉक्टर आफताब, डॉक्टर नसीम, डॉ. देवेंद्र टुडु, डॉ. गौरव गुप्ता, डॉ. पी.के. सिंह, डॉ.वामन लाथड, डॉ. सुमन पाल, डॉ. लवलेश गुप्ता , डॉ. वंदना , डॉक्टर अंशुल सिंह ,डॉक्टर स्नेहा सिंह , डॉक्टर विकास पोद्दार, डॉक्टर मधु, डॉ. शेख वाफेया, डॉ. सुमित आचार्य, डॉक्टर डी.एल.दीवान, डॉक्टर एस.पी. गुरिया, डॉ प्रियंका सिंह, डॉ विनय शंकर इत्यादि उपस्थित रहे।कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ की गयी। इसके उपरांत पूर्व न्यायाधीश एवं विद्यालय के निदेशक व्यंकटेश सिंह तथा निदेशिका श्रीमती पूनम सिंह एवं विद्यालय के प्राचार्य डॉ.बसंत कुमार तिवारी द्वारा सभी चिकित्सकों का स्वागत पुष्पगुच्छ भेंट कर किया गया।सभी चिकित्सकों ने अपने-अपने विचारों द्वारा विद्यालय के छात्र- छात्राओं को स्वस्थ रहने की प्रेरणा दी। डॉक्टर आफताब तथा डॉक्टर नसीम ने बताया कि एक डॉक्टर बनने के लिए कड़ी मेहनत और पढ़ाई के प्रति निरंतरता बनाना अति आवश्यक है।डॉक्टर अंशुल सिंह ने बच्चों को जंक फूड खाने से मना किया। उन्होंने कहा कि स्वस्थ तन में ही स्वस्थ मन का विकास होता है।डॉ विकास पोद्दार ने बच्चों को अनुशासन तथा समय प्रबंधन का ज्ञान दिया,डॉक्टर गुरिया ने अच्छी नींद के महत्व के बारे में बताया।
डॉ गौरव गुप्ता ने स्वास्थ्यवर्धक भोजन के बारे में बताया।

डॉक्टर वामन ने सुबह जल्दी उठने के लाभ बताएं।डॉ. सुमन पाल ने सही समय पर भोजन करने के फायदे बताएं।डॉक्टर लवलेश गुप्ता ने बच्चों से कहा कि अपना लक्ष्य निर्धारित करें और तन्मयता से उसे प्राप्त करने के लिए लग जाएं।कार्यक्रम में कक्षा ग्यारहवीं के छात्र- छात्राओं द्वारा डॉक्टर्स डे के सार का विस्तारण तथा बेहद भावपूर्ण नृत्यमय नाटक प्रस्तुत किया गया।इसके उपरांत सभी अतिथिगण को दिल्ली वर्ल्ड पब्लिक विद्यालय द्वारा मोमेंटो वितरित किया गया।कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्राचार्य ने सभी विद्यार्थियों को चिकित्सकों की बातों को अपने नियमित जीवन प्रणाली में अपनाने के लिए कहा तथा सभी चिकित्सकगण की तुलना ईश्वर के रूप से करते हुए उन्हें धन्यवाद प्रेषित किया।
इस कार्यक्रम से विद्यालयीन छात्र- छात्राओं को स्वस्थ जीवन शैली अपनाने की प्रेरणा मिली तथा जीवन में चिकित्सक के महत्व को समझने का अवसर प्राप्त हुआ।
