परमार्थ सेवा में लगे हैं वरिष्ठ योग प्रशिक्षक उपाध्याय।

सुरेन्द्र मिनोचा
मनेन्द्रगढ/एमसीबी – सूर्य नमस्कार योगासनों का संगम है तो प्राणायाम शरीर के शिथिल अंगों को प्रयाप्त ऊर्जा प्रदान करता है, यह हमारे शरीर के फेफड़ों को सशक्त करके श्वसनक्रिया को भी संतुलित करती है -उक्ताशय के विचार नेशनल डॉक्टर्स डे पर वरिष्ठ योग चिकित्सक एवं पंतजलि योग समिति के जिला अध्यक्ष सतीश उपाध्याय व्यक्त कर रहे थे। प्राणायामो में भस्त्रिका प्राणायाम के लाभ की जानकारी देते हुए श्री उपाध्याय ने बताया कि भस्त्रिका प्राणायाम में जब श्वास भरने की क्रिया की जाती है तब रक्तदाब भी बढ़ जाता है, इस प्रकार जब श्वास बाहर निकालने की क्रिया की जाती है तब रक्तदाब कम होता है इसे प्रक्रिया को नियमित रूप से केवल 5 मिनट अभ्यास करके हम अपने अंत स्त्रावी ग्रंथियां को सक्रिय कर सकते हैं।इसके कारण कोशिकीय स्तर पर पर्याप्त मात्रा में प्राण वायु प्राप्त होती है।इसी प्रकार कपालभाति प्राणायाम से समस्त कफ रोग, दमा, श्वास, एलर्जी, साइनस आदि रोग नष्ट हो जाते हैं एवं हृदय फेफड़े एवं मस्तिष्क के समस्त रोग दूर हो जाते हैं।योग पर किए गए वैज्ञानिक अनुसंधान की जानकारी देते हुए योग प्रशिक्षक सतीश उपाध्याय में बताया कि योग के प्रयोग के परिणाम पूरे विश्व के सामने है इन परिणामों का चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र के शीर्ष व्यक्तियों ने भी वैज्ञानिक विश्लेषण कर यह पाया है कि प्राणायाम की शक्ति से पूरे शरीर का कायाकल्प हो सकता है।
उन्होंने कहा कि समस्त रोगों के मूल में मानव का अवसाद एवं तनाव है, योग एवं प्राणायाम करने से मस्तिष्क का तनाव भी दूर होता है।अपने दैनिक दिनचर्या में नियमित रूप से योग एवं प्राणायाम को आत्मसात करने से गंभीर बीमारियों से भी निजात मिल जाती है।विगत 20 वर्षों से योग एवं प्राणायाम के माध्यम से लोगों को निरोगी करने का लक्ष्य लेकर चलने वाले योग प्रशिक्षक सतीश उपाध्याय लोगों को निशुल्क परामर्श एवं योग चिकित्सा की जानकारी दे रहे हैं। आयुर्वेद एवं सात्विक आहार के पक्षधर सतीश उपाध्याय को आध्यात्मिक गौरव सम्मान से भी सम्मानित किया गया है‌।उनका कहना है कि योग विश्व मानव के लिए भारत की महानतम पहचान भी है।श्री उपाध्याय का कहना है कि योग मनुष्य के अंदर सुप्त पड़ी अंतर्दृष्टि को भी आंदोलित करता है। योग के माध्यम से अब तक सैकड़ो लोगों को स्वस्थ जीवन देने वाले योग चिकित्सक प्रतिदिन स्थानीय सरस्वती शिशु मंदिर में परमार्थ सेवा के तहत 2 घंटे निशुल्क सेवा दे रहे हैं, जिसका आशातीत लाभ हो रहा है।