शासकीय दफ्तर में समस्या निवारण शिविर लगाकर डॉ चोपड़ा ने सरकार को कटघरे में लायाः विनोद।

डॉ चोपड़ा समझ चुके कि सरकार को जनहित के मुद्दों से कोई सरोकार नहीं।

प्रमोद दुबे 

महासमुंद – पूर्व विधायक विनोद सेवनलाल चंद्राकर ने कहा कि छत्तीसगढ़ सहित महासमुंद जिले में विष्णु सरकार के भ्रष्टाचार व प्रशासनिक निरंकुशता का आलम यह है कि आज सप्ताह में एक दिन टेबल. कुर्सी लगाकर भाजपा के कद्दावर नेता व पूर्व विधायक डॉ विमल चोपड़ा को स्वयं एसडीएम दफ्तर में बैठना पड़ रहा है। उनके द्वारा शासकीय कार्यालय में किसके अनुमति से तथा किस अधिकार से जनसमस्या निवारण शिविर लगाया जा रहा है, यह वे ही जाने, लेकिन उनके इस कार्य से यह तो स्पष्ट हो रहा है कि उन्हें अपने सरकार की कार्यक्षमता पर भरोसा नहीं है। तथा उनके द्वारा उठाए गए इस कदम से जनता यह समझ चुकी है कि प्रदेश में साय सरकार का प्रशासन पर अंकुश नहीं रहा, तभी तो सत्ता दल के नेता द्वारा शासकीय दफ्तर में जन समस्या निवारण शिविर लगाकर स्वयं उसका समाधान कराकर सरकार को कटघरे में खड़ा किया जा रहा है। श्री चंद्राकर ने कहा कि विगत 6 माह के भाजपा सरकार में चहुंओर घूसखोरी, कमीशनखोरी तथा शासकीय दफ्तरों में लूट मचा हुआ है। आज तहसील दफ्तर में छोटे से छोटे कामों के लिए भी चढ़ावा देना पड़ रहा है। सुशासन की ढोल पीटने वालों के राज में आज दुरूशासन का राज चल रहा है। इन सबके बीच में जनता अपने को ठगा सा महसूस कर रहा है। पूर्व विधायक डॉ विमल चोपड़ा द्वारा शासकीय दफ्तर में जनसमस्या निवारण शिविर लगाकर अपने ही सरकार पर जो प्रश्नचिन्ह खड़ा किया गया है, वह काबिले तारीफ है। डॉ चोपड़ा भाजपा के 6 माह के कार्यकाल में यह समझ चुके हैं कि इस सरकार में केवल चहुंओर भ्रष्टाचार का आलम है, जनता की समस्याओं, परेशानियों तथा जनहित के मुद्दों से सरकार को कोई सरोकार नहीं है। सरकार के तमाम मंत्री व चुने हुए जनप्रतिनिधि अपनी जेबें भरने में व्यस्त हैं। इसलिए वे स्वयं जनता की समस्याओं का निराकरण करने निकल पड़े हैं।