सूखे मेवे के समूह में सभी मेवे बेहद पौष्टिक होते हैं। चिरौंजी भी एक सुखा मेवा है और चिरौंजी के फायदे हमें कई समस्याओं से निजात दिलाते हैं। इसका प्रयोग हम कई तरह से करते हैं। चिरौंजी का वृक्ष ज्यादातर सूखे और पर्वतीय क्षेत्र में पाया जाता है। भारत में चिरौंजी की खेती दक्षिण भारत. हिमाचल प्रदेश, मध्यप्रदेश और छोटा नागपुर आदि जगहों पर की जाती है। यह चेहरे और आपके स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद माना जाता है। चिरौंजी का लेप लगाने से चेहरे से मुहाँसे, फुंसी और अन्य त्वचा रोग दूर होते हैं. चिरौंजी के सेवन से ताकत मिलती है और पेट में गैस नहीं बनती है। चिरौंजी में विटामिन सी, विटामिन B1, विटामिन B2 और नियासिन आदि मौजूद होते हैं।
इनके फायदे
शुगर
चिरौंजी को लेकर हुए कई रिसर्च में देखा गया है कि इसके सेवन से ब्लड शुगर का लेवल कंट्रोल में रहता है। इससे शुगर के रोगियों को बहुत हद तक राहत मिलती है।
सूजन में
सूजन को कम करने में भी चिरौंजी बहुत फायदेमंद साचित होती है। इसके तेल को सूजन प्रभावित क्षेत्रों में लगाने से सूजन से छूटकारा पा सकते हैं।
चेहरे
चहरे की खूबसूरती को बरकरार रखने में भी चिरौंजी बहुत ही उपयोगी है। चिरौंजी में मौजूद पोषक तत्व आपके चहरे को निखारने में बहुत उपयोगी हैं। यदि आप चिरौंजी के पैक सप्ताह में 3 बार लगायें तो आपको तुरंत असर दिखाई देने लगेगा और आपकी स्किन की खोई हुई रंगत वापिस मिल जाएगी।
श्वसन की परेशानी में
यदि आप श्वसन से संबंधित किसी भी समस्या से परेशान हैं तो आप चिरौंजी तेल की कुछ बूंदों के साथ भाप लें। इससे साँस की परेशानी तो दूर होगी ही ठंड से भी तत्काल राहत मिलती है। जब भी आपको खाँसी हो तो चिरौंजी का काढ़ा बनाकर सुबह-शाम पिएं। चिरौंजी के पौष्टिक होने की वजह से आप इसे बादाम की जगह पर इस्तेमाल कर सकते हैं।
मुहांसों दूर करने में
चिरौंजी के फायदे आपको चहरे के मुंहासों को दूर करने में भी नजर आ जाएंगे। संतरे के छिलके और चिरौंजी के मिश्रण को दूध के साथ पीसकर मुहांसों पर लेप करें। लेप के सूख जाने पर चेहरे को धो लें। एक हफ्ते तक ऐसा करने के बाद आपको फायदा नजर आ सकता है।
प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में
इसके नियमित सेवन से शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। कमजोरी को दूर करने के लिए भी प्रयोग किया जा सकता है। जब को महिला माँ बनती है तो उसे चिरोंजी खिलाने से जच्या-बच्या दोनों को फायदा मिलता है।
बालों के लिए
बालों की कई समस्याओं को दूर करने में चिरौंजी के फायदे नजर आते हैं। इसमें बालों के लिए उपयोगी कई विटामिन्स पाए जाते हैं। इसके सेवन से बालों को काला भी किया जा सकता है।
कब्ज दूर करने में-
यदि आपको कब्ज की शिकायत है तो भी आप चिरौंजी के सेवन से इसे दूर कर सकते हैं। यह आपकी अपच की समस्याओं को दूर करके आपको राहत देने का काम करता है। इसमें 59 प्रतिशत तक स्वस्थ वसा पाया जाता है। लेकिन रोजाना 20 ग्राम से अधिक नहीं लेना चाहिए। इससे वजन भी कम होता है।
दस्त में
दस्त से निपटने में भी आप चिरौंजी की सहायता ले सकते हैं। 5-10 ग्राम चिरौंजी को पीसकर दूध के साथ लेने से खूनी दस्त में आपको काफी फायदा होगा। इसके अलावा ये चिरौंजी का तेल दस्त और पाचन समस्या को कारगर रूप से दूर करता है।
नसों के दर्द से राहत दिलाए
चिरौंजी आफ्को नसों के दर्द और इससे उत्पन्न अन्य समस्याओं से भी आपको दूर रखता है। इसकी गुठली के साथ दूध मिलाकर पिएं तो नसों के दर्द के कारण हो रहे सिरदर्द और बेहोशी से पीड़ित रोगियों को फायदा हो सकता है। इसे दिन में दो बार पिएं।
चिरौंजी के नुकसान
चिरौंजी के बीज का आम दुष्प्रभाव भूख की कमी है। यदि आपका पाचन तंत्र कमजोर है, तो आप चिरौंजी के बीज का प्रभाव अनुभव कर सकते हैं।
चिरौंजी की गुठली के साथ एक अन्य दुष्प्रभाव कब्जा है, लेकिन चिरौंजी के कच्चे फल कब्ज में सहायक होते हैं। चिरौंजी के तेल के साथ अत्यधिक पेशाब की संभावना होती है, जो रोगी चिरौंजी के तेल का आंतरिक रूप से उपभोग करते हैं, रात के समय अक्सर पेशाब का अनुभव कर सकते हैं।
