कोडार बांध को भी मानसून का इंतजार।
प्रमोद दुबे
महासमुंद – रबी फसल की सिंचाई और निस्तारी के लिए तालाबों को भरने के बाद अब कोडार जलाशय में मात्र 6 फिट पानी शेष है। जो कुल भराव क्षमता का 8.50 प्रतिशत है। ऐसे में कोडार को भी अब मानसून का इंतजार है जिससे फिर जलाशय लबालब हो सके।
बता दें कि कोडार जलाशय से जिला मुख्यालय के करीब 50 गांवो को रबी फसल धान की सिंचाई के लिए पानी दिया जाता है। इसके अलावा निस्तारी के लिए करीब 60 गांवो के तालाबों को भरा जाता है। यहाँ से एक साल दांवी नहर (आरबीसी) और एक साल बांयी नहर (एलबीसी) से पानी दिया जाता है। अगर जिस साल बारिश कम होती है उसके दूसरे साल जलाशय से रबी फसल के लिए पानी नहीं दिया जाता, लेकिन निस्तारी के लिए तालाब भरने आरबीसी व एलबीसी के पानी छोड़ा जाता है। जानकारी के अनुसार इस साल जलाशय में पर्याप्त जलभराव के चलते जनवरी माह से ही रबी फसल धान के लिए आरबीसी नहर से पानी दिया जा रहा था वहीं अप्रैल माह से आरबीसी नहर के अंर्तगत आने वाले 18 गांव जिनमें तुमगांव, मालाडीह, पिरदा, बेंदरीडीह, खैरझिटी, गुरूडीह, परसाडीह, भोरिंग, तेंदूवाही, कुकराडीह, जोबा, गढसिवनी, कौवाझर, गोपालपुर, अमावस, बेलटुकरी, अछोली, अछोला को इस बार पानी दिया गया। वहीं इस दौरान 19 तालाबों को भी भरा गया।
पिछले साल आज के दिन 10 फिट से अधिक था पानी
जानकारी के अनुसार आरबीसी के अंर्तगत आने वाले गांवो के किसानों को रबी फसल और निस्तारी के लिए पानी देने के बाद और एलबीसी के गांवो के तालाबों को भरने के बाद आज की तारीख में कोडार जलाशय में 6 फिट पानी शेष बचा है जो कुल भराव क्षमता (30.50 फिट) का मात्र 8.50 प्रतिशत है।
एलबीसी से 31 गांव के 40 तालाब भरे गए
जानकारी के अनुसार इस साल एलबीसी अंर्तगत आने वाले गांव जिनमें बनसिवनी,सोरिद, कौंदकेरा, नवापारा, परसदा, चोरभट्टी, बेमचा, मुस्की, कांपा, खट्टीडीह, खरोरा, बेलसोंडा, घोड़ारी, बरबसपुर, बडगांव, बिरकोनी, अचराडीह, मुदैना, नांदगाव, साराडीह, बरौंडाबाजार, परसट्टी, बम्हनी, मचेवा, भलेसर, परसकोल, लाफिनकला, लाफिनखुर्द, चिंगरौद के 40 तालाबों को भरा गया। इन गांवो में निस्तारी के लिए 7 मई से पानी छोड़ा गया, तब जलाशय में 8.90 फिट पानी था और प्रतिदिन 150 क्यूसेक पानी दिया जा रहा था। तालाब भरे जाने के बाद अब पानी देना बंद कर दिया गया है।
बरसात में होता है जलभराव
बता दें कि जिला मुख्यालय के 50 गांवों को खेती और तालाब को भरने के किए कोडार जलाशय पर निर्भर रहना पड़ता है। कोडार का पानी अब मात्र 6 फिट ही रह गया है। ऐसे में अब जल्द मानसून का इंतजार है। कोडार में जल भराव का मुख्य स्त्रोत खल्लारी के नहर, बागबाहरा के नवागांव के चार से पांच की संख्या में नहर-नाले और झारा व गबौद के आठ से दस नहर-नाले है जिसमें से पर्याप्त पानी कोडार में आता है इसके अलावा कई छोटे नहर-नाले कोडार जलाशय को भरने के मुख्य स्त्रोत है। जबकि पिछले साल आज के दिन कोडार में 10.70 प्रतिशत जल भराव था।
