प्रमोद दुबे
महासमुंद – सोसाइटियों के माध्यम से धान खरीदी – होने के बाद स्थानिक कृषि उपज मंडी की स्थिति सूखे जैसी हो गई थी। लेकिन इस बार रबी सीजन में धान की भरपूर आवक होने से मंडी का सूखा टल गया है।4 मई से स्थानिक कृषि उपज मंडी में धान की खरीदी शुरू हुई है तब से लगातार किसान धान बेचने आ रहे हैं। किसानों को धान का उचित दाम मिलने से किसान उत्साहित है। – जिसका नतीजा है कि लगातार रबी फसल की धान का – आवक मंडी में बना हुआ है। यहां के मंडी में बागबाहरा के किसान भी धान बेचने पहुंच रहे हैं। मंडी सचिव रामलाल साहू ने बताया कि शनिवार 31 मई को 2035 किंवटल धान की आवक हुई थी।
धान खरीदी से लेकर अब तक इस मंडी में 36 – हजार क्विटल धान की आवक हो चुकी है। उन्होंने – बताया कि शनिवार को अधिकतम बोली 2170 रुपए व न्यूनतम बोली 1981 रुपए हुई है। यहां सालासर बालाजी – राइस मिल, गुलाब ट्रेडर्स, भगवती इंडस्टरीज, कुशल – ट्रेडर्स, उत्तम अक्षत उद्योग, एएस एग्रीपेड, चोपड़ा ट्रेडिंग – कंपनी ने बोली में हिस्सा लिया है। यहां धान बेचने हिच्छा, खैरा, खरोरा, पोटिया, तुमगांव, साराडीह, लापिंन,कोना, बागबाहरा के दारगांव, सिंघी, बनसिवनी, बिरकोनी, बेमचा अरंड, भलेसर, परसाडीह, छपोराडीह आदि स्थानों के किसान धान बेचने पहुंचे थे। किसान सजल कश्यप, राजकुमार नेताम, खेमूराम, मुरारी निषाद ने बताया कि गत वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष रबी सीजन में किसानों को धान का उचित दाम मिल रहा है। जिसके कारण किसान उत्साहित है और मंडी के माध्यम से धान बेचने पहुंच रहे हैं। मंडी में किसानों के लिए पेयजल की व्यवस्था के रूप में वाटर कूलर लगा हुआ है, इसी तरह धान की चोरी, मवेशियों से बचाने के लिए दिन और रात में चौकीदार की व्यवस्था की गई है। मंडी परिसर में पर्याप्त लाइट भी लगाया गया है। उल्लेखनीय है कि लंबे अंतराल के बाद गत वर्ष से मंडी में धान की खरीदी शुरू हुई है।
