सुरेन्द्र मिनोचा
मनेन्द्रगढ/एमसीबी :- साहित्यिक एवं सांस्कृतिक प्रोत्साहन के लिए गठित “हिंदी साहित्य भारती -“के द्वारा मदर्स डे प्रायोजित ऑनलाइन कविता प्रतियोगिता में देश के विभिन्न शहरों से मां एवं मातृत्व पर केंद्रित उत्कृष्ट कविताएं प्राप्त हुई।निर्णायकों के अभिमत के अनुसार श्रीमती नीलिमा खरे की कविता को प्रथम स्थान दिया गया।इसके अतिरिक्त अंबिकापुर की कवियित्री वंदना पांडे की “मां का ममत्व ” कविता प्रशंसनीय रही।मातृत्व दिवस पर ऑनलाइन कविता प्रतियोगिता के आयोजक , हिंदी साहित्य भारती के जिला समन्वयक वरिष्ठ साहित्यकार सतीश उपाध्याय रहे।
उन्होंने बताया कि मातृत्व दिवस के अवसर पर आयोजित कविता के लिए मां “भगवान,संसार , सपना ,प्रेरणा, अश्रु ,जीवन, खुशियां,,फूल” शब्द दिए गए थे। जिसके आधार पर कविता लिखना था।निर्धारित मापदंडों के अनुसार देश के विभिन्न शहरों से कवित्रियों की कविताएं प्राप्त हुई, स्थानीय स्तर पर हनी कौर,जूही कुमार मुखर्जी ,खैरून हाशमी की प्रविष्टियां प्राप्त हुई।प्रथम स्थान प्राप्त कविता “मां “पर सुप्रसिद्ध वरिष्ठ साहित्यकार जगदीश पाठक, राजेश जैन बुंदेला'” एवं सरिता तिवारी ने कहा कि नीलिमा की कविता में मातृत्व की कोमल संवेदनाएं एवं मां के त्याग एवं समर्पण की अद्भुत छवि दिखाई देती है।
मातृत्व दिवस की शुरुआत की जानकारी देते हुए वरिष्ठ साहित्यकार सतीश उपाध्याय ने कहा कि दुनिया भर के 40 से अधिक देशों में मातृत्व दिवस मनाया जाता है।मातृत्व दिवस मनाने के पीछे उद्देश्य यह है कि मां की ममता को वैश्विक महत्व प्रतिपादित किया जाए एवं मातृत्व की विशेषताओं को समाज के सामने रखा जाए।उन्होंने कहा मां एक ऐसा पवित्र रिश्ता है जिसे पूरी दुनिया सम्मान के साथ देखती है। मातृ दिवस को आदर्श दिवस निरूपित करते हुए श्री उपाध्याय ने बताया कि विजेता कवियत्री नीलिमा को आगामी विश्व योग दिवस के अवसर पर शाल श्रीफल से सम्मानित किया जाएगा।
