राजिम :- चैतरा गांव में अक्षय तृतीया धूमधाम से मनाया गया यहां पुतरा पुतरी का विवाह कराया गया इस मौके पर पूरे विवाह संस्कार किया गया जिसमें छोटे बच्चों से लेकर उम्र दराज महिलाएं तथा पुरुष भी सहभागी दिखाते रहे। चुलमाटी, मंगरोहण, हरदाही, बारात स्वागत, पानीग्रहण के साथ ही उपहार भी भेंट किए गए। इस मौके पर दिव्यांग संघ के जिला अध्यक्ष जागेश्वर साहू ने बताया कि छत्तीसगढ़ की परंपरा एवं संस्कृति यहां के लोगों में रची बसी है। जन्म से लेकर मृत्यु तक अनेक संस्कार होते हैं इनमें से विवाह संस्कार की अपना खास महत्व है अक्षय तृतीया पर गुड्डा गुड़ियों का विवाह कर सामाजिक एकता का संदेश दिया जाता है। इस मौके पर गांव के सभी चौक चौराहे का अलावा घरों में भी अक्ति पर्व धूमधाम से मनाया गया। प्रमुख रूप से रामकृष्ण साहू, जतिन, तरुण, रविंद्र, उमेश, चंदन, टिकेंद्र, खिलेश्वरी, चित्रांशी, हर्ष, वेदिका, दिनेश्वरी, तारा, देवेंद्री, हेमीन, लेकिन, खिलेश्वरी, रेखा, प्रेमीन, धरम, धर्मेंद्र, प्रदीप, हेमंत इत्यादि बड़ी संख्या में इस कार्यक्रम से जुड़े हुए थे।
