रिजल्ट आने पर बच्चों का ध्यान रखें।
सुरेन्द्र मिनोचा
मनेंद्रगढ़/एमसीबी :- अगले सप्ताह से बच्चों के परीक्षा के रिजल्ट आने प्रारंभ हो जायेंगे।यह माता पिता, शिक्षकों, बच्चों के लिए महत्वपूर्ण समय है, कुछ बच्चे चहकेगें कुछ उदास हो जायेगें। कुछ माता पिता अज्ञानता के कारण बच्चों पर मानसिक प्रताड़ना देना प्रारंभ कर देंगें,जिसके खतरनाक नतीजे भी हो सकते हैं।रिजल्ट आने के दौरान माता पिता की ओर से बच्चों को प्रोत्साहित करने उनकी सराहना करने की आवश्यकता होती है।माता पिता अनुचित रूप से बहुत अधिक अपेक्षा रखते हैं, परीक्षा परिणाम अपेक्षानुरूप न आना तनाव का कारण बनता है। जिसके खतरनाक नतीजे होते हैं। रिजल्ट आने पर बच्चों से बात करें कि परीक्षा परिणाम जिंदगी से बड़ा नहीं होता है, हर बच्चे की क्षमता अलग अलग होती है, पालक क्षमता को समझें, बताये कि बहुत सफल और काबिल लोग के रिजल्ट भी हमेशा अच्छे नहीं रहें है।अपने बच्चे और उसके रिजल्ट की तुलना अन्य बच्चों से करने पर उसका मनोबल टूट जाता है और वह निराश हो जाता हैं। सबको 100% अंक नहीं मिल सकता है, जिस बच्चे से आप तुलना कर रहे हैं उनके नंबर भी किसी से कम होंगें, बच्चों को डांटने की बजाय प्रोत्साहित करें। उसे लगे कि माता पिता उनके साथ है, इससे बच्चे मजबूती से आगे बढ़ेंगें । माता पिता भी तनाव मुक्त रहें इससे बच्चे भी तनाव मुक्त रहेंगें उन्हें ताना न मारें, अपनी भड़ास न निकाले इससे बच्चों के कोमल मन में बुरा प्रभाव पड़ता है।उनका जीवन अनमोल है, भविष्य उज्जवल है। अगर अच्छा रिजल्ट नहीं आता है तो नौकरी करने वाला नहीं नौकरी देने वाला बने ।बच्चों को समझाना है कि बोर्ड का रिजल्ट जीवन की आखिरी परीक्षा नहीं है परिक्षाएं आती जाती रहती हैं, जिंदगी चलती रहती है। नौकरी के इंटरव्यू में नंबर कोई नहीं पूछता आपकी काबिलियत देखी जाती है। बच्चे अंक काम आने पर या फेल होने पर इतना नहीं घबराते जितना माता पिता की उम्मीद, डांट आलोचना आदि से घबराते है। इस लिए हर परिस्थिति में बच्चों से जुड़े रहे सहारा दे, मनोबल बढ़ाएं।
