होली के रंग संबोधन के संग।

सुरेन्द्र मिनोचा

मनेंद्रगढ़ /एमसीबी :- होली के रंग संबोधन के संग कार्यक्रम का आयोजन संबोधन के कार्यालय में किया गया, इस अवसर पर सभी ने अपने कविताओं का वाचन किया। मुख्य रूप से वरिष्ठ साहित्यकार सतीश उपाध्याय ने “रामलाल जी का कुत्ता” पर एक अच्छा व्यंग्य सुनाया एवं एक गीत का वाचन किया और दर्शकों को हंसने और ताली बजाने के लिए मजबूर कर दिया। हास्य विधा में अपनी पकड़ रखने वाले साहित्यकार विनोद तिवारी ने घनाक्षरी छंद एवं सरगुजिया गीत पर लोगों की खूब तालियां बटोरी। सरगुजा कोरिया के ख्यातिलब्ध कार्टूनिस्ट एवं व्यंग्यकार जगदीश पाठक ने अपने व्यंग्य से लोगों का मन मोह लिया। होली के फाग गीत एवं कराओके साउंड पर उपकार शर्मा ने लोगों को “रंग बरसे भीगे चुनरिया “पर नाचने पर मजबूर कर दिया।

आसपास के क्षेत्र में मंचीय कविता सुनाने में महारत हासिल रामचरित द्विवेदी ने कई मुक्तक छंद सुनाए और कार्यक्रम को एक नई ऊंचाई प्रदान की।कार्यक्रम का रंगीन संचालन करते हुए संबोधन संस्था के वरिष्ठ सदस्य नरेंद्र अरोड़ा ने कार्यक्रम के बीच-बीच में हंसी ठिठोली करते हुए चुटकुलों की लाइन लगा दी, लोग पूरे कार्यक्रम के दौरान ठहाका लगाते रहे। संबोधन साहित्य एवं कला विकास संस्थान के संस्थापक सदस्य विनोद तिवारी ने होली की शुभकामनाएं सभी को प्रेषित करते हुए कहा कि सभी लोगों के जीवन में हंसी खुशी हमेशा बनी रहे, स्वस्थ मानसिकता से लोग होली का त्योहार मनाए और सदा खुश रहें।कार्यक्रम के अंत में संस्था के वरिष्ठ सदस्य नरेंद्र अरोड़ा ने आभार व्यक्त किया तथा उपस्थित सभी लोगों ने एक दूसरे को रंग लगाकर होली की शुभकामनाएं दी।