सुरेन्द्र मिनोचा
मनेंद्रगढ़/एमसीबी :- छत्तीसगढ़ देश में धान की सबसे ज्यादा कीमत देने वाला राज्य है। छत्तीसगढ़ सरकार ने किसानों को धान का प्रत्येक क्विंटल 3100 रुपए देने की गारंटी पूरी कर दी है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किसानों के हित में ‘कृषक उन्नति योजना ‘का भी शुभारंभ किया है। इससे छत्तीसगढ़ के 24 लाख से अधिक किसानो को लाभ हुआ है। वास्तव में छत्तीसगढ़ सरकार ने विधानसभा चुनाव के दौरान अपनी घोषणा पत्र में जो
गारंटी दी, उसे अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिन पर ही पूरी कर दी ।इसके तहत 13 लाख किसानों को 2 साल का बकाया बोनस भी वितरित किया गया। फिलहाल मोदी की गारंटी के तहत अब 18 लाख आवासों के निर्माण पर सरकार का फोकस है।छत्तीसगढ़ सरकार की “महतारी वंदन योजना “जिसकी पूरे देश में चर्चा है, जिसके तहत छत्तीसगढ़ की 70 लाख से अधिक विवाहित महिलाओं को वार्षिक 12 हजार देने की शुरुआत की गई है। प्रथम किस्त में ही लगभग 700 करोड रूपए जारी किये गये। छत्तीसगढ़ की वित्तीय स्थिति पर नजर रखने के लिए वित्त मंत्री पूर्व आईएएस रहे, ओ पी चौधरी हैं,जिनको वित्तीय इन्वेस्टमेंट एवं सरकारी बजट बनाने का प्रशासनिक अनुभव भी है। छत्तीसगढ़ सरकार की निरंतर बढ़ती लोकप्रियता एवं सफल जमीनी योजनाओं एवं जन सरोकार को सीधा प्रभावित करने वाले निर्णय से छत्तीसगढ़ सरकार का जनाधार काफी मजबूत होता जा रहा है।
छत्तीसगढ़ मंत्री-मंडल में मोदी की गारंटी पूरी करने एवं ठोस अर्थव्यवस्था की नींव तैयार करने की क्षमता भी दिखाई देती है। छत्तीसगढ़ में बीजेपी सरकार का अभी यह शुरुआती अल्पकाल (तीन माह )है।लेकिन जिस अंदाज एवं दूरदर्शिता के साथ छत्तीसगढ़ विकास के मार्ग में आगे बढ़ रहा है, उससे छत्तीसगढ़ में काफी संभावना नजर आ रही है। फिलहाल छत्तीसगढ़ सरकार ने अपने सामने दो प्रमुख लक्ष्य रखें हैं। पहला- सकल राज्य घरेलू उत्पाद को बढ़ाना ,दूसरा- विकसित भारत के अनुसार छत्तीसगढ़ को अमली जामा पहनाना ।इसके लिए राज्य का वित्त मंत्रालय ,”विजन डॉक्यूमेंट “की अवधारणा पर भी विचार कर रहा है ।
छत्तीसगढ़ के लिए यह सुखद संयोग है कि छत्तीसगढ़ के वित्तमंत्री ने अपने प्रशासनिक कार्यकाल के दौरान गांव की वास्तविक तस्वीर देखी है ।
धान का कटोरा कहे जाने वाले छत्तीसगढ़ में,धान की फसल ही छत्तीसगढ़ को धन्य धान बना रही है।अभी छत्तीसगढ़ में बीजेपी की सरकार के गठन के केवल तीन माह ही बीते हैं,3 महीने का समय कोई ज्यादा लंबा समय नहीं होता। छत्तीसगढ़ के अभी तक के तीन बीते कार्यकाल का मूल्यांकन करें तो विष्णु देव सरकार ने 13 दिसंबर को शपथ ली , मंत्रिमंडल के शपथ के तत्काल बाद निरंतर विकास जारी है ।
अभी छत्तीसगढ़ डिजिटल अर्थव्यवस्था की दिशा में भी आगे बढ़ रहा है।बजट सत्र के दौरान भी डिजिटल बजट ही पेश किया गया था।अब छत्तीसगढ़ में ज्यादा डिजिटलीकरण की तरफ जोर दिया जा रहा है।डिजिटल अर्थव्यवस्था को अपनाने के लिए भारत नेट परियोजना,पी एम वाणी प्रोजेक्ट, एकीकृत ई- प्रोक्योरमेंट परियोजना ,अटल डैश बोर्ड जैसे डिजिटल प्रोजेक्ट लागू किया जा रहा है।मुख्यमंत्री विष्णु देव साय” छत्तीसगढ़ विजन 2047″ डाक्यूमेंट की कार्यवाही से पारदर्शी प्रशासन देना चाहते हैं।पूरा कैबिनेट मंत्रिमंडल इसके लिए काम कर रहा है।आने वाले समय में छत्तीसगढ़ के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास आधुनिकीकरण शिक्षा, कौशल विकास ,कृषि ,खनिज संसाधन, इंडस्ट्रीज फूड प्रोसेसिंग, टूरिज्म , स्वास्थ्य एवं पोषण, जनजातियों के विकास आदि प्रोजेक्ट पर बेहतर काम करने की तैयारी है। इसके लिए सरकार ने डिजिटल पोर्टल भी विकसित किया है। आने वाले समय में छत्तीसगढ़ के समस्त जिलों में लागू होने वाली योजनाओं की सही मॉनिटरिंग इसी तकनीक से हो सकेगी। छत्तीसगढ़ के विकास में उन्होने गरीब,युवा, किसान और नारी सशक्तिकरण पर अपना पूरा ध्यान केंद्रित किया है। इसके लिए नीति राज्य आयोग को स्वतंत्र और सक्रिय कर दिया गया है। उम्मीद की जा रही है कि विजन डॉक्युमेंट के माध्यम से आनेवाले समय में छत्तीसगढ़ के विकास की तस्वीर और जीवंत होकर सामने आयेगी।ऐसी दूरगामी नीतियों के कारण विष्णु देव साय की प्रतिबद्धता को अनदेखा नहीं किया जा सकता।इस सरकार की प्रतिबद्धता एवं संकल्प का ही यह जीवंत प्रमाण है कि सरकार के शपथग्रहण के दूसरे दिन ही 18 लाख से अधिक गरीब परिवारों के लिए प्रधानमंत्री आवास के तहत पक्के मकान देने का निर्णय लिया गया। ऐसे कई नीतिगत निर्णय है जो छत्तीसगढ़ को नई पहचान देने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टालरेंस की नीति, “सुशासन एवं अभिसरण विभाग “की अवधारणा, अटल मॉनिटरिंग सिस्टम से जन कल्याणकारी योजनाओं की सटीक निगरानी के लिए भी सरकार प्रतिबद्ध दिख रही है। सरकार की दूरदर्शी सोच यह भी है कि राज्य की इकोनॉमी को 10 लाख करोड़ रूपए के स्तर पर पहुंचाया जावे। इसके लिए सरकार प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए निजी निवेश, प्राकृतिक संसाधनों का उचित प्रबंध ,आधिकारिक पूंजीगत व्यय में वृद्धि, योजनाओं का पारदर्शी मूल्यांकन, डिसेंट्रलाइज्ड डेवलपमेंट पॉकेट्स का विकास, सेवा क्षेत्रों का विस्तार, तकनीक आधारित संरचना ,पर विशेष फोकस करने जा रही है।
विजन डॉक्यूमेंट में कृषि का आधुनिकीकरण, टैक्स पालिसी,मिलेट्स, विशेष पिछड़ी जनजातियों के विकास पर छत्तीसगढ़ सरकार ने अपनी प्राथमिकता शामिल की है।
पिछले कई दशकों से छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद ने जहां छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था पर भारी चोट की है , वहीं छत्तीसगढ़ के विकास को भी अवरूद्ध किया है। नक्सल से सबसे ज्यादा प्रभावित बस्तर क्षेत्र के लिए “नियद नेल्लानार योजना” नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में लागू है। सरगुजा और बस्तर जैसे क्षेत्रों के लिए विकास के लिए पर्याप्त बजट का प्रावधान रखा गया है। छत्तीसगढ़ सरकार के सुशासन का संकल्प एवं विकसित छत्तीसगढ़ के विजन को देखते हुए कहा जा सकता है कि, छत्तीसगढ़ सरकार अपने 5 वर्ष के कार्यकाल के समय संभवतया अपनी पृथक पहचान के साथ विकास के उजालो के दहलीज पर खड़ी मिलेगी।
