सुरेंद्र मिनोचा
मनेन्द्रगढ़ /एमसीबी :- कलेक्टर डी. राहुल वेंकट के दिशानिर्देश एवं मार्गदर्शन में जिला परियोजना निर्देशक नितेंश उपाध्याय के मार्गदर्शन में जिले को स्वच्छ स्वस्थ एवं समृद्ध बनाने हेतु स्वयं के व्यवहारो में परिवर्तन करते हुए अपने ग्राम को ओ डी एफ प्लस बनाने हेतु जनपद सभागार मनेद्रगढ़ में कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें सोनहा महिला संकुल संगठन की सैकड़ों स्वच्छाग्रही महिलाएं उपस्थित रही।
“ओ डी एफ प्लस गांव के आयामों से हुई वाकिफ”
उक्त कार्यशाला में स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के जिला समन्वयक राजेश जैन ने उपस्थित महिलाओं को घरेलू गंदे पानी के उचित प्रबंधन हेतु किचिन गार्डन,सोखता निर्माण की जानकारी दी, साथ ही घरेलू स्तर पर गीले एवं सूखे कचरे का पृथक्करण को थ्री आर के माध्यम से समझाया।जिसमे पुनः अपशिष्ट को रियूज रिड्यूस एवं रीसायकल की परिभाषा से अवगत कराया गया।

“सिंगल यूज प्लास्टिक उपयोग के दुष्परिणामों के प्रति हुई समझ विकसित”
कार्यशाला के दौरान सिंगल यूज प्लास्टिक के दुष्परिणाम पर विस्तृत रूप से जानकारी दी गई। आज सिंगल यूज इस प्लास्टिक के बढ़ते उपयोग के चलते वायु प्रदूषण, जल प्रदूषण के साथ मृदा प्रदूषण होने के कारण अनेक प्रकार की बीमारियों का प्रदुर्भव होकर जनजीवन को बीमारियों से ग्रसित कर रहे हैं और मानव जीवन ही नहीं वन्य प्राणी जीव जंतु एवं पशु पक्षियों पर भी इसके दुष्परिणामों को प्रत्यक्ष रूप से देखा जा सकता है। प्लास्टिक अपशिष्ट अपनी जैव अनिमिकरणीय प्रकृति के कारण सैकड़ों वर्षों तक पर्यावरण में बना रहता है। भारत में सालाना 9.46 मिलियन टन प्लास्टिक अपशिष्ट उत्पन्न होता है, जिसमे से 40 प्रतिशत असंग्रहित रहता है और 43 प्रतिशत का उपयोग पैकेजिंग के लिए किया जाता है, जिसमे अधिकांश एकल उपयोगी प्लास्टिक होता है
“निदान”

कार्यशाला के दौरान सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग को प्रतिबंधित करने हेतु विकल्पों पर भी समझाईस दी गई। जिसमे स्वयं से शुरुआत कर अपने व्यवहार में परिवर्तन करते हुए प्लास्टिक की थैलियां कैरी बैग की अपेक्षा जुट एवं कपड़े के थैले का उपयोग करना होगा।सार्वजनिक कार्यक्रमों में सिंगल यूज प्लास्टिक की दोना, कटोरी, चम्मच, प्लेट एवं थालियों का उपयोग ना करते हुए प्राकृतिक संसाधनों से बने दोना-पत्तल का उपयोग को बढ़ावा देनेकहा गया ।
“जागरूकता गतिविधियों का आयोजन”
प्लास्टिक प्रबंधन निर्णय का पालन न करने पर दंडात्मक नियमो का प्रावधान किया जाना चाहिये। प्लास्टिक कचरा प्रबंधन के उपायों को प्रभावी ढंग से लागू करने का प्रयास किया जाना चाहिये।
“स्वच्छता ग्रीन लीफ रेटिंग”
जिले के समस्त पर्यटन स्थलों पर स्वच्छता ग्रीन लीफ रेटिंग की भी कार्य योजना पर्यटन विभाग एवं स्वच्छ भारत मिशन के द्वारा तैयार की जा रही है। समिति के अध्यक्ष कलेक्टर डी. राहुल वेंकट होगे जिसके माध्यम से जिले के समस्त पर्यटन स्थलों को स्वच्छ एवं सुंदर बनाने हेतु कार्य किया जाएगा। परिणाम स्वरूप पर्यटन स्थलों पर स्वच्छता हेतु स्वछग्रहियों का संलग्नीकरण सिंगल यूज़ प्लास्टिक प्रतिबंध करने के लिए प्रेरित किया जायेगा ।
ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन के माध्यम से नियमित रूप से साफ सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, जिससे पर्यटकों को बढ़ावा मिलेगा। वहीं दूसरी ओर प्राकृतिक रूप से यह पर्यटन स्थल स्वच्छ एवं सुंदर प्रतीत होंगे।
कार्यशाला समापन से पूर्व सिंगल यूज प्लास्टिक प्रतिबंध हेतु सामूहिक शपथ ली गई, जिसमे जिला समन्वयक राजेश जैन राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से रितेश पाटीदार, शिमेंद्र सिंह जिला कार्यक्रम प्रबंधक एवं विकास विस्तार अधिकारी रतन दास मानिकपुरी, ब्लॉक समन्वयक नेहा सिंह के साथ बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रही।
