एक लाख रूपये में हत्या करने की दी गई थी सुपारी।
मध्य प्रदेश से आये थे शूटर।
सुरेन्द्र मिनोचा
मनेंद्रगढ़/एमसीबी :- जिले के मनेंद्रगढ़ विकास खंड अंतर्गत ग्राम पंचायत सिरौली में लगभग 15 दिन पूर्व हुए गोलीकांड के मामले को सुलझाते हुए सिटी कोतवाली पुलिस ने घटना को अंजाम देने वाले दो मुख्य आरोपी सहित 6 लोगों को अपराध क्रमांक 57/24 धारा 307,34 ता.हि. व 25, 27, आर्म्स एक्ट के तहत कार्यवाही करते हुए गिरफ्तार कर लिया है।आप को बता दें कि दिनांक 26.02.2024 को ग्राम सिरौली में बेवा महिला पर दो युवकों ने हत्या करने की नीयत से देशी कट्टा से फायर कर दिया था।मामले के संबंध में पुलिस सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार दिनांक 26.02.2024 को प्रार्थिया कुमारी दीपिका अगरिया के द्वारा थाना आकर मौखिक रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि 02 अज्ञात व्यक्ति पानी पीने के बहाने बड़ी माँ कुन्ती के पास आये और जान से मारने की नीयत से गोली मारकर भाग गये है। प्रार्थिया की रिपोर्ट पर अपराध कायम कर विवेचना में लिया गया एवं घटना स्थल का मौका मुआयना पुलिस अधीक्षक चन्द्रमोहन सिंह के द्वारा निरीक्षण करने पर आरोपी की गिरफ्तारी हेतु निर्देश दिये गए।

इसके पश्चात् लगातार निरंतर कड़ी मेहनत से विवेचना की गई,विवेचना के दौरान अनुविभागीय अधिकारी मनेन्द्रगढ़,उप पुलिस अधीक्षक मनेन्द्रगढ़,थाना प्रभारी मनेन्द्रगढ़ तथा विशेष टीम के द्वारा मुखबिर सूचना एवं घटना की सूक्ष्मता से कड़ी दर कड़ी जांच करने पर घटना में आहत कुन्ती का ही भतीजा मनीष एवं उसकी पत्नी रेश्मा के द्वारा जमीन, पैसे, एवं नौकरी की चाह में वेवा कुन्ती बाई को रास्ते से हटाने की योजना बनाईं गई थी। कुंती बाई जो शासकीय स्कूल कोथारी में चपरासी (नृत्य) के पद पर पदस्थ है,उसकी हत्या कर नौकरी एवं सम्पत्ति हडपने की चाह पर हत्या करने की मनोइच्छा जागृत हुई। जिसके पश्चात् मनीष अपने ससुर ग्राम रेउला निवासी भुमसेन अगरिया से घटना कारित करने की योजना के संबंध में बताया,जो मोटर सायकल से अपने साडू संतोष अगरिया के पास लेकर गया, संतोष अगरिया ने कमलेश गोंड से मिलाया तथा एक लाख रूपये में बेवा कुन्ती बाई की हत्या करने का सौदा तय हुआ। संतोष के द्वारा कमलेश गोंड को देशी कट्टा व गोली दिया गया गया था। घटना के लिए ग्राम सिरौली के साप्ताहिक बाजार का दिन चुना गया।मनीष के द्वारा घटना दिनांक को फोन कर कमलेश एवं उसके साथी दल प्रताप सिंह उर्फ गुड्डा के साथ मोटर सायकल पर आये, जिन्हें मनीष के द्वारा घटना कारित करने के लिये ग्राम सिरौली हसदेव नदी के पास छोड़कर अपनी पत्नी बच्चों को बाजार ले जाने के लिये बोला एवं योजना के मुताबिक रेश्मा अपनी ननंद कुमारी दीपिका एवं बच्चों को लेकर साप्ताहिक बाजार सिरौली चली गई। घर पर अकेले बेवा कुन्ती बाई थी,उसी समय शूटर कमलेश सिंह एवं दल प्रताप सिंह उर्फ गुड्डा के द्वारा योजनाबद्ध तरीके से कुन्ती के घर पहुंचकर मनीष को पूछने के बहाने रुके और महुआ दारू पीने के लिये पानी एवं गिलास मांगे,कमलेश बगल की दुकान से 02 मूंगफली का पैकेट लेकर आया एवं महुआ दारू आंगन में कुर्सी में बैठकर पीये।

पुनः पानी मांगे तो कुन्ती पानी लेने जा रही थी कि उसी समय कमलेश ने अपने झोले से देशी कट्टा निकालकर हत्या करने की नीयत से कुंती पर फायर किया,गोली नहीं चलने पर कमलेश से कट्टा झीन कर गुड्डा घर के परछी में जाकर कुंती को गोली मार कर दोनों घर के पीछे से भाग गये थे जिन्हें घटना के बाद मृत्यु नहीं होने पर पुनः मृत्यु करने हेतु फोन करके रेश्मा के द्वारा सुपारी दी गई थी।मनीष एवं रेश्मा के द्वारा जमीन सम्पत्ति एवं नौकरी की चाह में अपराधिक षडयंत्र तैयार कर एक लाख रूपये में हत्या करने की सुपारी दी गई थी। उपरोक्त मामले में पुलिस ने मनीष कुमार आ. स्व. रामलाल उम्र 31 वर्ष निवासी ग्राम सिरौली थाना मनेन्द्रगढ़,
रेशमा देवी पति मनीष कुमार उम्र 30 वर्ष निवासी ग्राम सिरौली थाना मनेन्द्रगढ़,कमलेश सिंह आ. स्व. प्रेम लाल गोंड उम्र 35 वर्ष निवासी ग्राम बकेली थाना पाली जिला उमरिया (म.प्र.),दल प्रताप सिंह उर्फ गुड्डा आ. स्व. त्रिभुवन सिंह गोंड उम्र 35 वर्ष निवासी ग्राम लसेनीपानी खम्हरिया चौकी झीक बिजुरी थाना जैतपुर जिला शहडोल (म..प्र.),संतोष अगरिया आ. सिरझू अगरिया उम्र 35 वर्ष निवासी ग्राम बहरीडोल खम्हरिया चौकी झीक बिजुरी थाना जैतपुर जिला शहडोल (म. प्र.),एवं भुमसेन अगरिया आ. मोहना अगरिया उम्र 60 वर्ष निवासी वार्ड नं. 06 रेहूला कुदरीटोला थाना कोतमा जिला अनुपपुर ( म.प्र.) को गिरफ्तार कर लिया है।
संपूर्ण कार्यवाही में निरीक्षक अमित कौशिक थाना प्रभारी मनेन्द्रगढ़, निरीक्षक अमित कश्यप थानाप्रभारी पोंडी, सउनि राकेश शर्मा, प्रधान आरक्षक इस्तियाक खान, राकेश शर्मा, महिला प्रधान आरक्षक बिनको कुजुर,महिला आरक्षक साधना, इश्तिा श्रीवास्तव, एवं विशेष टीम से प्रधान आरक्षक पुष्कल सिन्हा, सुनील रजक, नीरज पढियार, आरक्षक भुपेन्द्र यादव, जितेन्द्र ठाकुर, राकेश तिवारी, शहबाज खान एवं थाना मनेन्द्रगढ़ की स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
