नक्सलवाद उन्मूलन के क्षेत्र में भी बीजेपी सरकार पूर्ववती सरकार से बेहतर कार्य कर रही है:-सतीश उपाध्याय।

सुरेन्द्र मिनोचा
मनेंद्रगढ़/एमसीबी :- नगर के वरिष्ठ साहित्यकार एवं राजनीतिक विश्लेषक सतीश उपाध्याय ने कहा है कि वर्तमान सरकार जिस प्रकार छत्तीसगढ़ में भारी पुलिस बल ,बटालियन एवं धुर नक्सली क्षेत्रों में पुलिस कैंप के लिए प्रयास कर रही है,उससे ऐसा प्रतीत होता है कि आने वाले समय में छत्तीसगढ़ से नक्सलवाद का उन्मूलन जल्द हो सकेगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार के अत्यंत अल्पकाल का सूक्ष्म मूल्यांकन किया जाये तो यह कहा जा सकता है कि शांति के वातावरण हेतू वर्तमान सरकार निरंतर प्रयास कर रही है।यह सरकार नक्सलियों के उन्मूलन के लिए कोई कोर कसर नहीं छोड़ रही है ।
नक्सली क्षेत्र में जिस तेजी से राज्य शासन नक्सलियों के विरुद्ध ऑपरेशन चला रही है।सही मायने में उसकी जानकारी मीडिया के माध्यम से बहुत कम ही मिल पा रही है।पूर्ववर्ती सरकार में नक्सलियों के विरुद्ध बहुत कमजोर प्रयास किए गए।अब केंद्र सरकार ने 3 साल का समय निर्धारित किया है कि छत्तीसगढ़ को 3 साल के भीतर नक्सली मुक्त कर देंगे।अब संवेदनशील नक्सली क्षेत्रों में नक्सल विरोधी अभियान तेजी से चलाया जा रहा है।गांव में नक्सली सुरक्षा बलों का कैंप स्थापित हो गया है। श्री उपाध्याय ने कहा कि राज्य शासन की यह भी मंशा है कि नक्सली प्रभावित क्षेत्रों के दुर्गम क्षेत्रों में भी राज्य की सभी जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उनको मिले।जिसमें मुफ्त अनाज, स्कूल, चिकित्सा,केंद्र की मूलभूत सुविधाएं शामिल है।
धुर नक्सली क्षेत्रों में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान ,मुफ्त सिलेंडर एवं अन्य सुविधाओं को बढ़ाया जा रहा है ।अभी आने वाले समय में और सुरक्षा कैंप खोले जाएंगे एवं सुविधाओं का लाभ दिया जाएगा।
खुफिया जानकारी तगड़ी कर दी गई है।नक्सलियों को जड़ समेत उखाड़ फेंकने के लिए राज्य शासन ने फंडिंग की कोई कमी नहीं होने दी है।यह बात भी उल्लेखनीय है कि नक्सलीय क्षेत्रों में पिछले 40 वर्षों में पहली बार भाजपा शासन काल में ही तिरंगा फहराया गया।अब पुलिस बल का मनोबल बढ़ा हुआ है, बस्तर के विकास का पूरा रोड मैप तैयार हो चुका है, बस्तर के विकास में बाधक बनने वालों के लिए शासन सख्त नजर आ रही है।बस्तर के “टेकुलगुड़म” जो दुर्गम क्षेत्र है एवं नक्सलियों का आश्रय स्थल है वहां भी कैंप खोला गया है।
कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि यह भाजपा सरकार जानती है कि यदि शासन की जनकल्याण योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाना है और छत्तीसगढ़ की करोड़ों जनता का दिल जीतना है तो सबसे पहले छत्तीसगढ़ में अमन चैन एवं शांति स्थापित की जाए। इसके लिए नक्सलियों का खात्मा भी जरूरी है और एक सदभावी वातावरण राज्य में जरूरी है।