आईएसबीएम विश्वविद्यालय के प्राध्यापको एवम छात्र दो दिवसीय गुफा कार्यशाला में हुआ शामिल।

मुड़ागांव(कोरासी) :- आईएसबी एम विश्वविद्यालय कोसमी छुरा गरियाबंद के प्राणिशास्त्र विभाग के प्राध्यापक डॉ गोकुल प्रसाद,  लक्ष्मीकांत सिन्हा तथा छः अध्यनरत छात्र छात्राएं ने जगदलपुर में आयोजित दो दिवसीय गुफा कार्यशाला में शामिल हुए । जहां उन्होंने दंडक गुफा और हरा गुफा का सर्वे और मैपिंग कार्य को विभिन्न गुफा वैज्ञानिक के माध्यम से संपन्न किया गया तथा अध्यनरत और संरक्षण के बारे में जानकारी प्राप्त की गई।

गुफा विज्ञान में शोध हेतु निर्धारित उपकरण व तकनीकों तथा गुफा अन्वेषण में सुरक्षा के उपाय पर यह दो दिवसीय गुफा कार्यशाला आयोजित किया गया था इस कार्यशाला का आयोजन नेशनल केव रिसर्च एंड प्रोटेक्शन आर्गेनाइजेशन व कांगेर वैली नेशनल पार्क के सयुक्त तत्वधान में अयोजित किया गया जिसमे देश भर के अनेकों रिसर्च स्कॉलर जो गुफा विज्ञान में रुचि रखते हैं वे समिलित हुए ।

कार्यशाला के मुख्यवक्ता नेशनल केव रिसर्च एंड प्रोटेक्शन आर्गेनाइजेशन के डॉ जयंत बिस्वास थे जिन्होंने गुफाओं के संसाधन को नस्ट ना करते हुए उनपे कैसे शोध किया जा सकता है इस बारे में समझाया इसके अलावा कार्यशाला में अमेरिका के केविंग आर्गेनाइजेशन से प्रशिक्षित  विश्वनाथ राजन ने सुरक्षित गुफा अन्वेषण के बारीकियों पर व्याख्यान व व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया।

कांगेर वैली नेशनल पार्क के वर्तमान निर्देशक श्री गणवीर धर्मशिल जो की पूरे कार्यशाला में उपस्थित रहे उन्होंने इस प्रकार के कार्यशाला आयोजित को बहुत ही रोचक व महत्वपूर्ण माना जिसके चलते गुफाओं के संसाधन और उसके वैज्ञानिक आधार को समझा और संरक्षण किया जा सकता है।

इस कार्यशाला में छत्तीसगढ़ के साथ ही देश के अलग अलग कॉलेजों और विश्वविद्यालयों से लगभग पचास रिसर्च स्कॉलर ने भाग लिया ।

इस कार्यशाला के सह प्रायोजक आईएसबीएम विश्वविद्यालय कोसमी छुरा ने किया , विश्वविद्यालय के कुलाधिपति , कुलपति,कुलसचिव ने सभी प्राध्यापक तथा छात्र छात्राओं को बधाई प्रेषित की है।