हमारे देश को मसालों का देश यूं ही नहीं कहा जाता। भोजन से लेकर स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याओं में मसालों का प्रयोग किया जाता है।
ऐसा ही एक मसाला है जायफल जिसकी मीठी खुशबू पूरे किचन को महका देती है। जायफल भले ही भारत के घर-घर में इस्तेमाल होता हो लेकिन ये इंडोनेशिया में पाए जाने वाले पेड़ मायरिस्टिका से मिलता है। जैसा कि लगभग सभी मसालों के साथ है, ये सिर्फ स्वाद बढ़ाने के लिए ही नहीं, बल्कि भोजन के जरिये हमें बेहतर स्वास्थ्य देने के लिए होते हैं, जायफल भी हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद है।
जायफल एक मसाला है, जो जायफल के पेड़ से फल के रूप में मिलता है। आपको जानकर आश्चर्य होगा कि जायफल के पेड़ से दो मसाले मिलते हैं- जायफल और जावित्री।
जायफल के फायदे –
जायफल का इस्तेमाल मिठाई आदि में स्वाद और खुशबू बढ़ाने के लिए किया जाता है। जायफल खाने में तो स्वादिष्ट होता ही है, लेकिन अपने औषधीय गुणों के कारण इसका महत्व और बढ़ जाता है। चलिए आपको बताते हैं जायफल के फायदे।
नींद ना आने :- इन्सोमनिया अनिद्रा यानी रात को नींद न आने की समस्या होती है। पूरे दिन काम, घर और बाहर की चीजों के कारण तनाव की समस्या होने लगती है और उसका नतीजा है नींद ना आने की समस्या। ऐसे में जायफल का सेवन काफी फायदेमंद हो सकता है। इसके असर से नींद ना आने की समस्या दूर हो सकती है। सोने से पहले एक ग्लास गर्म दूध में चुटकी भर जायफल मिलाकर पीने से बेहतर नींद आ सकती है।
डाइजेशन के लिए :- ऐसे में ज्यादा तेल-मसाले वाले खाने, असमय भोजन करने की आदत से पाचन से जुड़ी कई परेशानियां हो सकती हैं। इस स्थिति में जायफल का सेवन पेट की समस्याओं जैसे डायरिया, एसिडिटी आदि को ठीक करता है। इससे डाइजेशन की प्रक्रिया में भी सुधार होता है।
पेनकिलर के रूप में :- जायफल का उपयोग दर्द व ऐंठन की समस्या के लिए भी किया जा सकता है। जोड़ों और मांसपेशियों के दर्द के लिए ये कमाल का ऑप्शन है। जायफल में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट, एंटी-इंफ्लेमेटरी और औषधीय गुण दर्द से राहत दिला सकते हैं। सिर्फ जायफल ही नहीं, बल्कि जायफल का तेल भी आप मांसपेशियों या जोड़ों के दर्द के लिए उपयोग कर सकते हैं।
गठिया के लिए :- उम्र बढ़ने के साथ हड्डियां कमजोर होने लगती हैं। कई लोगों को गठिया की भी समस्या हो जाती है। ऐसे में शुरुआत से ही अपने खान-पान और लाइफस्टाइल पर ध्यान देना जरूरी है। गठिया होने के कई दर्दभरे लक्षण होते हैं और उन्हीं में से एक सूजन भी है। अगर जायफल का सेवन या उसका तेल लगाया जाए, तो गठिया के सूजन व दर्द से राहत मिल सकती है। जायफल में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो गठिया से राहत दिला सकता हैं।
कई बार घरेलू उपाय भी कैंसर के जोखिम को काफी हद तक कम कर सकते हैं। जायफल उन्हीं घरेलू उपचारों में से एक है। जायफल में मौजूद एसेंशियल ऑयल एक एंटीऑक्सीडेंट के रूप में कार्य करते है और कैंसर को रोक सकते है। स्टडीज के मुताबिक अपनी एंटी-माइक्रोबियल प्रॉपर्टीज के चलते जायफल पेट के कैंसर से बचाव कर सकता है।
