कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों के द्वारा सरसों फसल प्रदर्शन का किया गया निरीक्षण।

गरियाबंद :- इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के निदेशक विस्तार डॉ. ए.के. वर्मा के मार्गदर्शन में कृषि विज्ञान केन्द्र गरियाबंद के वैज्ञानिकों के द्वारा तिलहन फसल उत्पादन को बढ़ावा हेतु राष्ट्रीय खाद्यान्न सुरक्षा मिशन के अंतर्गत सरसों फसल का समूह अग्रिम पंक्ति का प्रदर्शन विकासखंड छुरा के ग्राम आसरा एवं बोडराबांधा के कृषकों के प्रक्षेत्र में किया गया। उक्त ग्राम के कृषकों के द्वारा प्रथम बार सरसों फसल की खेती ग्रीष्मकालीन धान के स्थान पर किया गया। निदेशक विस्तार सेवाएं के द्वारा गठित सी.एफ.एल.डी. मॉनिटरिंग टीम का भ्रमण 20 फरवरी 2024 को डॉ. के.एल. नन्देहा की अध्यक्षता एवं डॉ. वी.के. सोनी, डॉ. अभिनव साव,  विनोद नायक एवं कृषि विज्ञान केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. मनीष चौरसिया, सरसों फसल प्रदर्शन प्रभारी मृदा वैज्ञानिक  मनीष कुमार आर्या, कृषि वैज्ञानिक इंजि. प्रवीण कुमार जामरे तथा तुषार मिश्रा के द्वारा ग्राम आसरा व बोडराबांधा के कृषकों के प्रक्षेत्र में लगे हुये समूह अग्रीम पंक्ति सरसों फसल प्रदर्शन का अवलोकन व निरीक्षण किया गया।

वैज्ञानिकों के द्वारा कृषकों के प्रक्षेत्र में लगे हुये सरसों फसल प्रदर्शन (किस्म-गिरीराज) का अवलोकन किया गया एवं सरसों फसल से संबंधित कृषि कार्यां के बारे में विस्तृत रूप से जानकारी प्रदान करते हुये कृषकों को तिलहन उत्पादन को बढ़ावा हेतु तिलहन खेती को प्रोत्साहित किया गया। भ्रमण के दौरान कृषकों को उन्नत किस्म, समय पर बीज बुवाई, फसल चक्र (अनाज के बाद दलहन व तिलहन फसलों) को शामिल करने एवं उचित मात्रा में पोषकतत्व प्रबंधन व सिंचाई प्रबंधन की जानकारी दी गई। कृषक परिचर्चा के दौरान कृषकों को फसल उत्पादन एवं कीट व्याधी से संबंधित प्रश्नों का निदान तकनीकी मार्गदर्शन करते हुये किया गया। शिविर का अवलोकन व निरीक्षण कार्यक्रम के दौरानं ग्राम आसरा एवं बोडराबांधा के सरसों फसल प्रदर्शन अंतर्गत लाभांवित कृषक संतोष पटेल, कुमार पटेल, दुर्योधन साहू, वेदराम साहू, चोवालाल साहू, प्रकाश, बलदाऊ एवं अन्य कृषक उपस्थित रहे।