सुरेन्द्र मिनोचा
मनेंद्रगढ/एमसीबी :- एक आंकड़े के अनुसार लोकसभा चुनाव में इस बार राज्य की 11 सीटों पर 2 करोड़ 5 लाख से अधिक मतदाता वोट करेंगे।चुनाव को लेकर, प्रदेश भाजपा चुनाव समिति प्रत्याशियों के चयन में काफी सावधानी बरत रही है। इस बार “मोदी की गारंटी “के तहत हर हालत में जीत का सेहरा अपने माथे पर सजाने के लिए दूरदर्शी नीति बनाई जा रही है। अभी तीन-चार नाम का पैनल तैयार किया गया है । इसमें से किसका नाम ,किस आधार पर तय होता है, सब दिल्ली से तय होना है।दिल्ली में पैनल के नाम को भाजपा के राष्ट्रीय संगठन के सामने रखा जाएगा ।इसके बाद भाजपा का राष्ट्रीय संगठन, केंद्रीय चुनाव समिति के बैठक में नाम फाइनल करके प्रत्याशियों का ऐलान करेगा। संभावना यह भी है कि फरवरी अंत तक पांच सीटों के प्रत्याशी के नाम फाइनल हो सकते हैं ,बाकी 6 सीटों के प्रत्याशियों के पैनल पर भी सहमति बनानी पड़ेगी ।कोरबा और बस्तर में जहां कांग्रेस के सांसद हैं, वही रायगढ़ बिलासपुर और सरगुजा के सांसदों को विधानसभा चुनाव लड़ाया गया तो इसमें वे जीते और संसद के पद से इस्तीफा दे दिया है। अब लोकसभाओं के दावेदारों के एक-एक नाम को लेकर बैठक में चर्चा की जाएगी।अभी कोरबा से पैनल के संभावित नाम सरोज पांडे, योगेश लंबा ,विकास महतो अनुराग सिंह देव एवं अन्य का हैं। भाजपा का राष्ट्रीय संगठन भी इस बार छत्तीसगढ़ पर विशेष फोकस कर रहा है एवं छत्तीसगढ़ के सभी 11 लोकसभा सीटों को जीतने का लक्ष्य रखा गया है ।इस समय भाजपा के पास यहां की 9 सीट है ।भाजपा ने देशभर में लोकसभा को कलस्टर के हिसाब से विभक्त किया है। छत्तीसगढ़ में भी तीन क्लस्टर बनाए गए हैं एवं प्रभारी भी तय कर दिए गए हैं।
सभी 11 लोकसभा सीट के लिए , नेतृत्वकर्ता पदाधिकारी का भी चयन किया गया है ।यह सभी राष्ट्रीय संगठन के संपर्क में है। समय-समय पर राष्ट्रीय नेता के दिशा निर्देश के अनुसार अब छत्तीसगढ़ में सियासी हलचल देखने को मिल रही है।
इस बार बस्तर जैसे क्षेत्र को विशेष फोकस किया जा रहा है। कोंडागांव से चुनावी रणनीति की शुरुआत हो सकती है ।भाजपा के सभी दिग्गज नेता लोकसभा चुनाव में पूरी शिद्दत से लगे हुए हैं ।मीडिया में केवल भाजपा की रणनीति ही दिखाई दे रही है । कुछ राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि कांग्रेस का जन आधार लगातार घटता दिखाई दे रहा है। राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा के दौरान उनके कहे गए वक्तव्य से जनाधार तेजी से घट रहा है ।उन्होंने उप्र को लेकर भी यह बात कह दी है कि पूरा यूपी शराब के नशे में रात में डांस करता है। जिससे सियासी भूचाल मचा हुआ है। लोकसभा चुनाव की तिथि धीरे-धीरे काफी करीब आते जा रही है ,प्रदेश चुनाव समिति की बैठक भी हो चुकी है, मार्च में संभावित आचार संहिता भी लग जाएगी, अप्रैल में लोकसभा चुनाव संपन्न होंगे। मोदी सरकार की योजनाओं को घर-घर तक पहुंचाने के लिए कवायद शुरू कर दी गई है ,लोकसभा चुनाव में इस बार किसी नए चेहरे को भी मौका दिया जा सकता है ,यह निर्णय पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट के आधार पर होगा ।जो वे अनुशंसा, केंद्रीय समिति को भेजेंगे एक से अधिक नाम का पैनल बनाया जाएगा और अलग-अलग एजेंसियों से उन नामों का सर्वे कराया जाएगा और इसी रिपोर्ट के आधार पर केंद्रीय समिति की बैठक होगी और फिर नाम तय किया जाएगा। बिलासपुर में लोकसभा चुनाव से पहले बीजेपी के सामने एक से अधिक सशक्त दावेदारों की लंबी सूची है, जो सभी सांसद के टिकट के लिए बेताब हैं, लगभग तीन दर्जन से अधिक दावेदार तो केवल बिलासपुर के लोकसभा क्षेत्र में है। कहीं-कहीं 100 से अधिक दावेदारों का भी नाम सामने आ रहा है।बहरहाल फरवरी के अंत , मार्च प्रथम सप्ताह तक सारे दावेदारों की घोषणा हो ही जाएगी एवं सभी 11 लोकसभा सीटों के लिए सरकारी पिटारा भी खोल दिया जाएगा।
क्या मोदी की गारंटी पतवार बनकर लोकसभा चुनाव की नैया पार करा पाएगी? सतीश उपाध्याय (वरिष्ठ राजनीतिक विश्लेषक मनेद्रगढ़)।
