जब से बीजेपी सरकार आई है, नक्सलियों के विरुद्ध अभियान तेज हो गया है – उपाध्याय।

सुरेन्द्र मिनोचा
एमसीबी :- भैरमगढ़ और इंद्रावती एरिया कमेटी के नक्सलियों से दंतेवाड़ा बीजापुर सीमावर्ती पालपुर के क्षेत्र में पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई। इस दौरान नक्सलियों द्वारा गोलीबारी के साथ ही यूबीजीएल भी दागे गए।यूबीजीएल जिसे अंडर बैरल ग्रेनाइट लांचर भी कहा जाता है।यह ग्रेनाइट लांचर को अलग-अलग रेंज से तैनात किया जा सकता है।
यह सही बात है कि पूर्ववर्ती सरकार ने नक्सलवाद के खिलाफ कड़े एक्शन नहीं लिए, जिससे नक्सलियों को सर उठाने का मौका मिला।विगत दिनों मुख्यमंत्री विष्णु देव साय,पुलिस और प्रशासन के आला- अधिकारियों की हाई लेवल की बैठक लेकर राज्य में नक्सली उन्मूलन अभियान की गहन समीक्षा की गई।
यह प्रयास देखा जा रहा है कि जब से बीजेपी की सरकार आई है,नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई तेज कर दी गई है और नक्सली बौखला गए हैं, इसके बाद भी नक्सलियों के विरुद्ध पुलिस जवान मजबूती से लड़ाई लड़ रहे हैं ।नक्सलियों के खिलाफ अभियान तेज हो गए हैं,लगातार कैंप भी स्थापित हो रहे हैं।सुरक्षा बलों के जवानों में जोश की कोई कमी नहीं है, छत्तीसगढ़ शासन के मुखिया विष्णु देव साय ने कमर कस ली है कि छत्तीसगढ़ से एक दिन नक्सलियों का नामोनिशान मिट जाएगा।
नक्सलियों से निपटने के लिए सरकार कटिबद्ध है, इसके लिए ठोस रणनीति बनाई जा रही है और नक्सलियों को हर हाल में मुंह तोड़ जवाब दिया जा रहा है। पहुंचहीन इलाकों में भी कैंप लगने से नक्सली अचंभित है एवं अपने अस्तित्व के बचने के लिए कायराना हरकत कर रहे हैं ।
जरूरी है कि पुलिस का सूचना तंत्र और प्रभावी हो नक्सलियों के खिलाफ कार्यवाही में किसी प्रकार की ढिलाई न बरती जाए ।प्रभावित इलाकों की सर्चिंग बेहद सावधानीपूर्वक किया जाए जिससे नक्सलियों के मंसूबे कामयाब न हो सके और उन्हें खदेड़ा जा सके।
अब केंद्रीय सुरक्षा बल के जवानों ने स्थानीय लोगों के सहयोग से बस्तर के सुदूर गांव तक सड़क, चिकित्सा की सुविधा पहुंचाने में भी सफलता पाई है ।आदिवासियों के हितों के प्रति संवेदनशील मुख्यमंत्री विष्णु देव साय नक्सलियों को पूरी तरह समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध दिख रहे हैं,केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ लगातार समीक्षा बैठक हो रही है, एक महीने में घोर नक्सल क्षेत्र में 10 कैंपों की स्थापना प्रतिबद्धता का ही परिणाम है। आने वाले समय में निश्चित रूप से और सफलता प्राप्त होगी।मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुकमा जिले के 30 जनवरी को नक्सली मुठभेड़ में शहीद तीनों जवानों के परिजनों को 10-10 लाख रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की। जिले में नक्सल समस्या को खत्म करने के लिए भी निरंतर कैंप खोले जा रहे हैं।
कबीरधाम जिला छत्तीसगढ़ राज्य का आखिरी जिला है, इसके बाद मध्य प्रदेश की सीमा शुरू होती है दोनों राज्यों की सीमा में नक्सली देखे जा रहे हैं और यहीं से अपने वारदात को अंजाम देते हैं ।कबीरधाम जिले की सीमा व मध्य प्रदेश की बालाघाट व मंडला जिले की सीमा में ही नक्सली पनप रहे हैं, विगत दिनों जिले के एक थाना क्षेत्र में अपने नक्सली साथियों की याद में बनाए गए तीनों स्मारकों को जवानों ने जेसीबी के माध्यम से ध्वस्त कर दिया ।इसी तरीके से नक्सलियों के खिलाफ अभियान जारी रहा तो निश्चित रूप से एक दिन छत्तीसगढ़ से नक्सलियों का नामोनिशान मिट जाएगा।