दल्लीराजहरा :- बालोद जिले के आदिवासी विकासखंड डौडी जनपद पंचायत के अंतर्गत ग्राम पंचायत कुमुरकट्टा में भारी रूप से भ्रष्टाचार का खुलासा हुआ है शासन से प्राप्त विभिन्न मदों की राशि का आहरण सरपंच सचिव ने मनमर्जी से कर लिया है और ग्राम कुमुरकट्टा का विकास ना करके स्वयं का विकास किया है जिसकी शिकायत छत्तीसगढ़ शासन के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के अलावा जिला कलेक्टर इन्द्रजीत सिंह चंद्रवाल सहित संबंधित अधिकारियों से किया गया है ग्राम वासियों के अनुसार पिछले दो पंचवर्षीय में ग्राम पंचायत कुमुरकट्टा में करोड़ों रुपए का घोटाला सरपंच और सचिव ने मिलकर किया है निर्धारित मद की राशि दूसरे मद में समायोजन कर राशि का आहरण अपने चहेते एजेंसी को करते हुए अपना स्वयं का विकास किए हैं।

ग्राम पंचायत कुमार कुमुरकट्ट विकास के नाम पर पिछड़ता जा रहा है और सरपंच सचिव अपना स्वयं का विकास तेजी से कर रहे हैं ग्राम पंचायत कुमुरकट्टा के दर्जनों लोगों ने बताया कि भ्रष्टाचार होने की वजह से उक्त पंचायत में लगातार सचिव बदलते जा रहे हैं आने वाले सभी नए सचिव पूरा आरोप पुराने सचिव पर डाल रहे हैं और हकीकत यह है कि सरपंच सचिव दोनों मिलकर शासन को करोड़ों रुपए का नुकसान कर चुके हैं निर्माण कार्य, विभिन्न खरीदी में खुलकर भ्रष्टाचार किया गया है, ग्राम पंचायत के दर्जनों ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम पंचायत कुमुरकट्टा में सीसी रोड निर्माण, भवन निर्माण, सौर ऊर्जा लाइट, ऑफिस व्यवस्था, गोथन, गौठान के अलावा अन्य विभिन्न निर्माण कार्य के नाम पर खनिज न्यास निधि, 14 एवं 15 मद की राशि, मूलभूत राशि के अलावा विभिन्न मदों की राशि का भरपूर दुरुपयोग किया गया है चौंकाने वाला विषय ग्रामीणों ने बताया कि महिला सरपंच जिसकी नौकरी भिलाई इस्पात संयंत्र लाल पानी से प्रभावित क्षेत्र के बीएसपी ऑफिस में ठेके पद्धति पर लगा हुआ है उसके बावजूद महिला सरपंच ग्राम पंचायत की मुखिया सरपंच बनी हुई है जबकि शासन के नियम अनुसार बीएसपी में नौकरी करने वाले जनप्रतिनिधि के रूप में कार्य नहीं कर सकते परंतु छत्तीसगढ़ का इकलौता ग्राम पंचायत कुमुरकट्टा में महिला सरपंच दो पदों पर सुशोभित है।
