स्कूलों में योग प्रारंभ करने की शिक्षा मंत्री की घोषणा का स्वागत किया योगाचार्य उपाध्याय ने।

सुरेन्द्र मिनोचा
मनेद्रगढ़ :- स्कूल शिक्षा मंत्री बृजमोहन अग्रवाल के द्वारा स्कूलों में योग एवं प्राणायाम पाठ्यक्रम शुरू किए जाने की घोषणा को,वरिष्ठ योगाचार्य,एवं पतंजलि योग समिति के जिला प्रमुख सतीश उपाध्याय ने छात्र हित में बताया है।
योग को शरीर, मन और बुद्धि के लिए उपयोगी बताते हुए “आध्यात्मिक गौरव सम्मान “से विभूषित वरिष्ठ योगाचार्य सतीश उपाध्याय ने कहा कि अब छत्तीसगढ़ के स्कूलों में योग एवं प्राणायाम से बच्चों में जहां संस्कार विकसित होंगे,वहीं बच्चों को अवसाद एवं हताशा से मुक्ति मिलेगी,स्वस्थ रहते हुए वे अपने अध्ययन अध्यापन पर ध्यान दे सकेंगे। श्री उपाध्याय ने उच्च शिक्षा मंत्री छत्तीसगढ़ शासन से यह मांग की है कि योग को स्कूली छात्रों तक सहज रूप से पहुंचने के लिए प्रत्येक विद्यालय में योग एवं प्राणायाम की विधिवत प्रशिक्षण देने के लिए योग शिक्षकों को नियुक्ति होनी चाहिए,जिससे योग के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाए। जिला शिक्षा अधिकारी एवं संबंधित विकासखंड शिक्षा अधिकारी योग के लिए किए जा रहे विद्यालय की कार्य योजना की नियमित समीक्षा भी होनी चाहिए,जिससे इस घोषणा का सही क्रियान्वन हो सके। श्री उपाध्याय ने स्कूल शिक्षा मंत्री बृजमोहन अग्रवाल की उस घोषणा का भी स्वागत किया है जिसके तहत रायपुर में उन्होंने शासकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालय खोलने की घोषणा की है ।उपाध्याय ने कहा कि योग के बाद अभी विश्व में आयुर्वेद का डंका बजेगा क्योंकि आयुर्वेद हमारी धरोहर है और यह दुनिया के सबसे प्राचीन शिक्षा चिकित्सा पद्धति है जो न केवल वैज्ञानिक मापदंडों पर खरी उतरती है बल्कि सहज भी है ।ऋग्वेद में भी आयुर्वेद की अति महत्वपूर्ण सिद्धांत का वर्णन किया गया है।