राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर निकाली गई बाइक रैली,प्रभात फेरी से राममय हुआ शहर चिरमिरी।

हर मनुष्य को प्रभु श्री राम के आदर्शो पर चल कर देश में भाई चारे के साथ जाति गत द्वेष ख़त्म करने की हो पहल – डॉ.विनय जायसवाल ।

सुरेन्द्र मिनोचा
चिरमिरी :- राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर पूरे चिरमिरी शहर में हर घर हर द्वार में दीवाली जैसे पर्व का माहौल देखने को मिला।कही वार्ड वासी रैली निकाल कर राम जी के जय कारे लगाते दिखे तो कही वार्ड वासियों के द्वारा प्रभात फेरी निकाल कर प्रभु श्री राम के आगमन की खुशियां मनाई गई।चिरमिरी शहर के बड़ा बाजार सेवा समिति के तत्वाधान में अयोध्या में आयोजित श्री राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा को लेकर बाइक एवं चार पहिया वाहनों के द्वारा विशाल राम रैली का आयोजन हनुमान मंदिर प्रांगण से किया गया।जहां सुबह से ही रामभकों का हुजुम देखने को मिला।इस दौरान हर कोई अपने हाथ में राम जी के चेहरे के छाया चित्र का झंडा लेकर जय श्री राम के नारे लगाते दिख रहा था ।

शहर का हर नागरिक एक दूसरे को मुँह मीठा कर माथे पर तिलक लगा रहा था। वर्षो पुरानी जिज्ञासा के पूर्ण होने की अपार ख़ुशी हर व्यक्ति एक दूसरे से बांटते हुए दिखाई दे रहा था।इस विशाल आयोजन को रैली का रूप देते हुए पूरे शहर में घुमाया गया, रैली की शुरुआत बड़ा बाजार के हनुमान मंदिर प्रांगण से होते हुए हल्दीबाड़ी के मुख्य मार्ग से शनिचरी बाजार,भैसा दफाई,टीना दफाई,सड़क दफाई से शहर के डोमनहिल,गोदरिपारा होते हुए पुनः बड़ा बाजार दुर्गा पंडाल के समीप समाप्त हुई.बाईक रैली में हर युवा राम के जयकारों के साथ भगवा ध्वज लेकर जय कारा लगाते दिख रहा था। इस आयोजन में स्वास्थ्य मंत्री छत्तीसगढ़ शासन श्याम बिहारी जायसवाल भी मुख्य रूप से शामिल हुए।

राम मय माहौल में मनेंद्रगढ़ विधानसभा के पूर्व विधायक डॉ. विनय जायसवाल में अपने शब्दों में इस आयोजन को ऐतिहासिक दिवस और कार्य बताया, उन्होंने उपस्थित जन मानस को संबोधित करते हुए कहा कि प्रभु श्री राम का नाम मर्यादा पुरषोत्तम भी है जिन्होंने अपने जीवन काल में 14 वर्षो का वनवास काटा पर कभी एक भाई को दूसरे भाई से द्वेष रखने की भावनाओं को बढ़ावा नहीं दिया। वह हमेशा सच्चाई का मार्ग थामे रहे और बुराइयों से हम लोगो को बचने का रास्ता दिखाया।

इस 21 वीं सदी में हम लोगों की उम्र महज 100 वर्ष 80 वर्ष या उससे कम है पर हम लोग उनके आदर्शो पर एक कदम भी नहीं चलते, हम सभी एक दूसरे की बुराइयों को देखते है । कभी सही रास्ते को अपने अंदर लाने का प्रयास नहीं किया, जिस कारण आज हमारे समाज में बुराइयों ने सबसे ज्यादा स्थान बना लिया है । आज दिवस से हम सभी को इस बात की शपत लेनी चाहिए कि हम भगवान श्री राम के आदर्शो को अपने अंदर लाएंगे और उन मार्गो पर पूरे समाज को जागरूक भी करेंगे तभी हम सभी पूर्व रूप से सफल हो सकेंगे ।