प्रमोद दुबे
महासमुंद :- छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने पुरा बहुत हासिल कर सरकार बना रही है। वहीं भारतीय जनता पार्टी को जिताने के लिए छत्तीसगढ़ के हर वर्ग जाती लोगों ने वोट किया है। पूर्व की सरकार में अनुसूचित जाति समाज के साथ के साथ जगह-जगह घटना घटित होने से आक्रोशित होकर भाजपा को वोट कर जिताया है। चुनाव के पूर्व छत्तीसगढ़ प्रभारी ओम माथुर द्वारा अनुसूचित जाति के समाज प्रमुखों से मिलकर वादा किया जाता रहा की अनुसूचित जाति वर्ग को उचित प्रतिनिधित्व व समाज के साथ किसी प्रकार की अन्याय शोषण नहीं होगा। परंतु पूर्ण बहुमत हासिल करते ही राज्य के तीसरे नंबर की आबादी वाले अनुसूचित जाति वर्ग को उपमुख्यमंत्री में प्रतिनिधित्व नहीं देना वादा खिलाफी व भेदभाव को इंकित करती है। पुरे छत्तीसगढ़ के विधायकों में सबसे वरिष्ठ व अनुभवी अनुसूचित जाति वर्ग से आने वाले मुंगेली विधायक पुन्नू लाल मोहले है जो सात बार के विधायक व चार बार के सांसद रहे हैं। फिर भी मुख्यमंत्री व उपमुख्यमंत्री नहीं बनाना बहुत ही निराशाजनक है। जब पहली बार जीतने वाले को उपमुख्यमंत्री बनाया जा सकता है तो बड़े आबादी वाले अनुसूचित जाति समाज के किसी विधायक क्यों नहीं है। उक्त बातें दिनेश बंजारे प्रदेशाध्यक्ष प्रगतिशील छत्तीसगढ़ सतनामी समाज व रेखराज बघेल प्रदेश प्रवक्ता सतनामी समाज व जिलाअध्यक्ष अनुसूचित जाति समाज छत्तीसगढ़ महासमुंद ने प्रेस विज्ञप्ति कर कहां है। साथ ही राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा व प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव भाजपा के साथ शीर्ष नेतृत्व को ईमेल पत्र लिखकर भी मांग किया है कि शीर्ष नेतृत्व भुल सुधार कर राज्य में दो के जगह तीन उपमुख्यमंत्री बनाया जाना चाहिए। जबकि आदिवासी समाज मुख्यमंत्री व दो उपमुख्यमंत्री के पद पर पिछड़ावर्ग व सर्वण समाज को बैलेंस किया गया है अनुसूचित जाति किसी भी एक विधायक को उपमुख्यमंत्री या विधानसभा अध्यक्ष बनाकर सबके साथ सबके विकास व मनखे-मनखे एक बरोबर के संदेश को बरकरार रखें। साथ ही सरकार गठन की शुरुआत से ही अनुसूचित जाति समाज के विश्वास को जीता जा सकें।
