चौक – चौराहो पर जीत हार की चर्चा।

महासमुंद :- विधानसभा चुनाव की दूसरे चरण में 17 नवंबर को ही मतदान के बाद से शहर समेत जिले के चौक चौराहे पर सुबह-शाम लोगों की जुबा पर एक ही बात सुनने को मिल रही है। और वह बात है कि कौन जीत रहा है और प्रदेश में सरकार किसकी बन रही है ।यह चर्चा मतदान के बाद से आम बात हो गई है। हालांकि इस चर्चा पर रविवार को मतगणना के साथ ही विराम लग जाएगा ज्ञात होगा प्रदेश में 17 नवंबर को दूसरे चरण का मतदान हुआ ।जिसमें जिले की चार महासमुंद , खल्लारी ,बसना और सरायपाली सीट के लिए मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग कर चुनावी मैदान में उतरने प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला ईव्हीएम में कैद कर दिया इसके बाद से राजनीतिक परियों के साथ राजनीति में दिलचस्पी रखने वालों के साथ ही आम जनता भी यह जानने को उत्सुक है। कि किसकी जीत और किसकी हार हो रही है। और प्रदेश में सरकार किसकी बनने जा रही है बस में सफर करने वाले यात्री हो या शहर के होटल में नसता करने वाले लोग या फिर चाय की चुस्की लेने वालों में प्रत्याशियों में साथ ही दोनों प्रमुख राजनीति के दलों की जीत हार को लेकर आकलन का दौर जारी है।
जिले में मतदान के आंकड़ों पर नजर डालें तो 2018 में हुए चुनाव की अपेक्षा इस बार मतदान में गिरावट आई है इस बार हुई चुनाव में विधानसभा वार मतदान का प्रतिशत देखे तो महासमुंद में 75.17प्रतिशत खलारी में 81.34 बसना में 83.47 और सरायपाली में 81 पॉइंट 68 इस तरह कुल 80 पॉइंट 48% मतदान हुआ है ।यह साल 2018 में हुए मतदान की बात करें तो मतदान का प्रतिशत कुल 83.09% मतदान हुआ था। जिसमें इस बार तीन प्रतिशत की गिरावट आई है। इसमें महासमुंद में 80 पॉइंट 53 खलारी में 83.5 बसना में 85.37 और 83.04% मतदान हुआ था। मतदान में आई कमी पटिंयों की जीत हार को तय करने में अहम भूमिका निभाएगी ।मतदान के दौरान यह बात सामने आए कि चुनाव में राजनीतिक पार्टियों की ओर से की गई घोषणा जहां कई मतदाताओं को पसंद नहीं आई तो कई को पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी ही पसंद नहीं आए जिससे मतदाता घरों में मतदान करने के लिए बाहर नहीं निकले हैं।

इधर, मतगणना के बाद से दोनों ही प्रमुख पार्टियों के अलावा अन्य राजनीतिक पार्टी और निर्दलीय प्रत्याशियों के साथ कार्यकर्ता लगातार जीत हार का आकलन करने में जुट गए हैं। प्रत्याशियों ने कार्यकर्ताओं को चुनावी आकलन करने की जिम्मेदारी सौंपी थी ।जिसके लिए कार्यकर्ता मतदान के बाद से लगे हुए थे गांव में पहुंच अपने प्रत्याशी की स्थिति का पता लगाने के बाद प्रत्याशी और पार्टी जीत हार का दावा कर रहे इन्हीं जानकारी के आधार पर जीत हार का दाम भी लगाया जा रहा है ।खबर है कि चुनाव के बाद से हार जीत को लेकर शहर समेत जिले में सट्टे का बाजार भी गर्म है । सूत्रों के अनुसार प्रत्याशियों की जीत ही नहीं बल्कि हर पर भी सट्टे दांव लगा रहे हैं।

जिले के चार विधानसभा सीटों में सरायपाली सीटो में मौजूद विधायक किस्मत लाल नंद की बगावत कर चुनाव लड़ने से यहां त्रिकोणी मुकाबले की स्थिति रही है। जबकि महासमुंद खल्लारी और बसना विधानसभा में कांग्रेस भाजपा के बीच सीधा मुकाबला है। हालांकि मनसमुंद में जनता कांग्रेस जोगी के प्रत्याशी अश्विन तुषार साहू निर्दलीय प्रत्याशी जिम सदस्य जुगनू चंद्राकर सहित कुछ निर्दलीय प्रत्याशियों के मैदान में उतरने से यहां की चुनावी स्थिति में बदलाव हुआ है। यह तय है कि निर्दलीय के मैदान में आने से दोनों ही प्रमुख राजनीतिक पार्टियों के वोट जरूर बढ़ गए हैं जो मतदान के समय में सामने आएगा।

जीले के चारों विधानसभा से चुनावी मैदान में उतरे सभी प्रत्याशी अपनी जीत को लेकर न सिर्फ आश्वस्त है ।बल्कि जीत का दावा भी कर रहे हैं यही नहीं दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों के प्रत्याशियों के साथ चुनाव में किस्मत आजमा रहे निर्दलीय प्रत्याशी भी अपनी जीत को लेकर अव्यवस्तु हैं दोनों प्रमुख राजनीतिक दल भाजपा कांग्रेस के प्रत्याशी तो यहां तक कह रहे हैं कि उनकी पार्टी की सरकार भी बन रही है वहां भी बहुमत के साथ हालांकि गांव की सच्चाई आगामी 3 दिसंबर को मतगणना के साथ ही सामने आ जाएगी बता दे की महासमुंद जिले के चार विधानसभा सीट खल्लारी, बसना, सरायपाली ,से 53 प्रतिशत चुनावी मैदान में है जिनकी किस्मत का फैसला मतदाताओं ने यह वही एम मशीन में मतदान करके कैद कर दिया है। जिसे प्रशासन ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच स्ट्रांग रूम में रखा है।