
सुरेन्द्र मिनोचा
एमसीबी।भारतीय शक्ति चेतना पार्टी के मनेंद्रगढ़ विधान सभा प्रत्याशी महेश प्रसाद ने बयान जारी करते हुए कहा कि अगर पेट में दाना है तो भूख नहीं लगती है, कपड़ा है तो तन को ढका जा सकता है, मकान है तो जीवन गुजारा हो सकता है।बात करे जिला एमसीबी की तो आज इस क्षेत्र में अगर कोई कमी है तो वह है रोजगार।अब सवाल आता है रोजगार आएं कहा से? मनेंद्रगढ़ चिरमिरी की बात करे तो युवाओं के मुंह से एक ही आवाज आती है रोजगार दो। इस छोटे से शहर से लोग दो वक्त की रोटी के लिए अपने परिवार को छोड़कर जीविका चलाने के लिएं बाहर जाने को विवश हैं।अगर चिरमिरी शहर की बात करे तो इस क्षेत्र कि सबसे बड़ी समस्या बेरोजगारी है, यहां की जनता को बाहर जाने से रोकना एक बहुत बड़ी चुनौती है। जैसे जैसे इस शहर के लोग एसईसीएल से रिटायर होकर अपने गांव घर की ओर जा रहे है, धीरे धीरे यह शहर खाली होता जा रहा है।जिस शहर में लोग पढ़े लिखे और बड़े हुए, इस धरा से हमें प्रेम मिला।आज इस शहर से हम लोग कैसे जाए यह सबसे बड़ा सवाल है।अगर इस ओर ध्यान दिया गया होता तो शायद चिरमिरी की दशा कुछ और होती आज छत्तीसगढ़ के अनेकों जगह में गृह उद्योग खोला गया है लेकिन एम सी बी और कोरिया जिले को नज़र अंदाज़ किया गया। लोगो की जीविका का एक मात्र साधन रोजगार है।आज चिरमिरी में गृह उद्योग लघु उद्योग लाने की बहुत जरूरत है, जिससे चिरमिरी मनेंद्रगढ़ शहर को रोजगार मिले और चिरमिरी का स्थायित्व बना रहे एवं शहर का विकास होता रहे।बेरोजगारी पर ज्ञान देने वालों ने कभी अपने क्षेत्र के युवा बेरोजगारों के बारे में सोचा होता तो आज चिरमिरी के अस्तित्व पर सवाल खड़े नही होते।मनेंद्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर में तमाम साधन होने के बाद भी आज इस जिले में बेरोजगारी चरम पर है।
