
महासमुंद :- छत्तीसगढ़ के आकांक्षी जिलों में पशुधन जागृति अभियान अन्तर्गत शुक्रवार को दाऊ वासुदेव चंद्राकार कामधेनु विश्वविद्यालय दुर्ग, पशुधन विकास विभाग छ ग शासन, मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय भारत सरकार के संयुक्त तत्वाधान में ग्राम – सोनासिल्ली, विकासखण्ड – पिथौरा में पशु प्रजनन एवं जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। उक्त कार्यशाला के प्रथम भाग में सुबह निः शुल्क पशु चिकित्सा सह बांझपन शिविर का आयोजन किया गया उक्त शिविर में कुल 110 पशुपालकों ने भाग लिया तथा पशु उपचार

168 औषधि वितरण 276 कृमि नाशक दवा पान 188 जु किलनी नाशक दवापान 346 बांझपन उपचार 45, कृत्रिम गर्भाधान 1, बधियाकरण 8, गर्भ जांच 46 पशुओं का किया गया। कार्यशाला के द्वितीय चरण में दोपहर 12 बजे से पशुपालकों के लिए कार्यशाला का आयोजन किया जिसमें 100 से अधिक पशुपालकों ने अपनी सहभागिता दर्ज कराई। उक्त कार्यशाला को कामधेनु विश्वविद्यालय दुर्ग के निदेशक विस्तार सेवा डॉ संजय शाक्य व प्राध्यापक डॉ एम के अवस्थी, मादा पशु रोग एवं प्रसूति विज्ञान विभाग ने संबोधित करते हुए पशुपालकों को उनके पशुओं को बांझपन से बचाने सलाह देते हुए बच्चा जनने से 2 माह पूर्व ही संतुलित पशु आहार प्रदाय करने एवं बच्चा जनने के बाद गाय को तत्काल कृमिनाशक दवापान करवाने सलाह दी।उक्त शिविर में ग्राम सोनासिल्ली के जनप्रतिनिधिगण , कामधेनू विश्विद्यालय के विषय विशेषज्ञ,पशुधन विकास विभाग के विषय विशेषज्ञ व समस्त मैदानी अमले उपस्थित रहे।
