कैथल-कृष्ण प्रजापति

कैथल/हरियाणा :- गांवों की तस्वीर बदलने के लिए सरकारी काफी बड़ा बजट जारी करती है परंतु उस बजट को गांव के सौंदर्यकरण, गलियों व नालियों की सफाई व्यवस्था करने की बजाय अधिकारी और कर्मचारी सब गोलमाल कर जाते हैं और गांव फिर वही बदहाल अवस्था में रह जाते हैं। ऐसे ही कुछ हालात कैथल जिले के विभिन्न गांवो के हैं जहां सफाई व्यवस्था चरमराई हुई है। गांव शक्तिनगर की गलियों में नालियों का गंदा पानी बह रहा है जिससे गलियां

तालाब का रूप धारण कर लेती हैं और बरसात के दिनों में तो इन गलियों में पैदल चलना भी दुश्वार हो जाता है तो वहीं बिना बरसात के भी नालियां ओवरफ्लो होकर गलियों में पानी बहने के कारण बदबू इतनी हो जाती है कि यहां से निकलना तक मुश्किल हो जाता है। कैथल जिले के शक्ति नगर गांव में गलियां आजकल गंदे पानी से लबरेज हैं क्योंकि नालियों की सफाई प्रतिदिन न होने के कारण और स्वच्छता के दावे केवल कागजों में दम तोड़ने के कारण यहां सफाई नहीं होती और हकीकत में गलियों में गंदा पानी भरा रहता है जिससे स्थानीय लोगों में काफी रोष है और वे नारकीय जीवन जीने क मजबूर हैं। स्थानीय निवासी बाला देवी, बसाऊ राम, रामफल, सूरजभान, महीपाल, भान सिंह, विक्की बालू, राहुल, अमन, अनिल, जसवंत, बीराराम व अन्य ग्रामीणों ने बताया कि वे गंदे पानी की निकासी व नालियों की सफाई करवाने की मांग को लेकर अधिकारियों और विधायक के पास कई बार गुहार लगा चुके हैं परंतु वे कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। युवा विक्की बालू ने कहा कि सरकार तो स्वच्छता और सफाई व्यवस्था को सुधारने को लेकर बजट देती है परंतु अधिकारी और कर्मचारी सही नियत से कार्य नहीं करते और धरातल पर सफाई व्यवस्था दम तोड़ देती है।
