बिप्लब कुण्डू
पखांजुर-कांकेर :- किसान के साथ पटवारी ने किया धोखाधड़ी,ग्राम पंचायत जनकपुर के माखन दास पिछले 22 साल से रोजीरोटी के लिए अन्य शहर जगदलपुर में रहकर गाड़ी चलाता है,खेती किसानी के समय घर आता है और खेत मे धान की फसल लगाकर फिर गाड़ी चलाने निकल पड़ते हैं, जिसका फायदा किसान के भाई बहू ने पटवारी से मिलीभगत कर उठाया गया,किसान को कानो कान खबर तक नही लगा उसके पट्टे में भाई बहू का नाम शामिल कर लिया गया,किसान जब पंजीयन के लिए नक्सा खासरा निकला तो पता चला पट्टे में भाई बहू का नाम भी हैं ऐसे में पटवारी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठता हैं किसान को जानकारी बिना दिए इस प्रकार की कार्य को अंजाम देकर खुद के कार्य पर प्रश्नचिन्ह लगाने का काम कर रहे पटवारी,किसान को जैसे पटवारी द्वारा किया गया फर्जी काम की जानकारी मिला तो तहसील पहुचकर तहसीलदार से शिकायत किया साथ ही फर्जी कार्य करने वाले पटवारी पर कार्यवाही की मांग किया,जबकी पट्टे में नाम शामिल से पहले पंचायत तथा परिवार के अन्य सदस्य के सहमति अनिवार्य होता है।

किसी का कोई आपत्ति हो तो नाम जोड़ना तथा काटने का अधिकार पटवारी का नही होता,ऐसे में अगर पट्टा धारी उपस्थित नही होता तो 3 बार लगभग पट्टाधारी को नोटिस के माध्यम से सूचना देना अनिवार्य होता है, पर यहाँ ऐसा बिल्कुल भी नही किया गया गुपचुप तरीके से भाई बहू तथा पटवारी दोनो मिलकर पट्टाधारी किसान को जानकारी बिना दिए पट्टे में नाम चढ़ाया गया,अब किसान प्रशासन से न्याय की गुहार लगा रहे है।

वही भरतलाल ब्रम्हे-तहसीलदार बांदे से पूछने पर उन्होंने कहा कि मेरे आने के बाद इस तरह का कोई भी काम नही हुआ एसडीएम को आवेदन देकर इस का जांच करवा सकते है।यदि किसान को पता नही है तो दोषियो पर उचित कार्यवाही की जायेगी।
