
सुरेन्द्र मिनोचा
एमसीबी :- भारतीय शक्ति चेतना पार्टी के मनेंद्रगढ़ विधान सभा प्रत्याशी महेश ने कहा कि एम. सी. बी. / अविभाजित मध्यप्रदेश का हिस्सा रहे चिरमिरी का इतिहास काफी पुराना रहा है। जहां गुलाम भारत होते हुए भी अंग्रेजो द्वारा चिरमिरी रेल लाईन एवं धीरे धीरे यात्रियों की सुविधा को ध्यान देते हुए इसका विकास किया गया था।जिससे खड़गवां, चिरमिरी, मनेंद्रगढ़ और आस पास क्षेत्र के क्षेत्र वासियों एवं व्यापारियों के लिए आवागमन आसान हुआ करता था और मनेंद्रगढ़ चिरमिरी जैसे क्षेत्रों में व्यापार ने फ़लना फूलना शुरू किया। इस कारण एक दूरांचल क्षेत्र होने के बाद भी आज चिरमिरी ने नगर पालिक निगम जैसे बड़े क्षेत्र का रूप लिया ।
लेकिन यह अत्यंत दुख एवं चिन्ता का विषय है कि अधीन होने के बाद भी अंग्रेजों ने क्षेत्र का विकास किया परंतु आज स्वतंत्र भारत में भी विकासशील क्षेत्र पिछड़ा क्षेत्र में आने को मजबूर है।न जाने देश तब गुलाम था या अब? क्योंकि मुख्य तौर पर कहा जाए तो जिस क्षेत्र का राजधानी से सीधा संपर्क ना हो वह क्षेत्र किस प्रकार विकास कर पाएगा ये सोचने का विषय है। आज मध्य प्रदेश से अलग होकर छत्तीसगढ़ बना , सरगुजा से अलग होकर जिला कोरिया बना , कोरिया से अलग होकर अब यह क्षेत्र जिला मनेन्द्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर कहलाता है किंतु विकास के नाम पर केवल चिरमिरी वासियों को नगर पालिका से नगर पालिक निगम और मनेंद्रगढ़ वासियों को व्यापारिक हब का ठप्पा लगा दिया गया है। किसी भी क्षेत्र के विकास के लिए सरकार की अहम भूमिका होती है।लेकिन देखा गया है कि चाहे वह केंद्र में बैठी सरकार हो या राज्य में भूपेश की सरकार अभी तक किसी ने भी एम सी बी के विकास के बारे में नहीं सोचा।कैसे एक विद्यार्थी अपने जीवन काल में संघर्ष कर राजधानी तक उच्च शिक्षा ग्रहण करने जाएगा या फिर कोई गरीब परिवार किस प्रकार सीधे रायपुर में अच्छी चिकित्सा सेवा के लिए पहुंच पाएगा।जब व्यापारी अपने व्यापार का विस्तार ही नहीं कर पाएंगे तो फिर किस प्रकार क्षेत्र का विकास होगा ? यह चिंतनीय विषय है।अंबिकापुर का रेल विस्तार काफी बाद में होने के बाद भी अंबिकापुर में हर रेल सुविधा दी गई, लेकिन चिरमिरी मनेंद्रगढ की पुरानी रेल सुविधा को भी सरकार द्वारा बंद कर दिया गया सरकार द्वारा इस प्रकार का भेद भाव एम सी बी जिले के क्षेत्रवासियों के मूल भूत अधिकारों का हनन है।हमने देखा है कि केंद्र में बैठी सरकार ने महंगाई के अलावा देश को कुछ नहीं दिया और सिर्फ अंबानी अडानी के लिए सुविधाओं के भंडार खोलें हैं।आज भी चिरमिरी मनेन्द्रगढ़ रेल लाइन में कोयला का आवागमन रेल सुविधा के माध्यम से किया जाता है, जो की सभी को मालूम है कि यह सुविधा अंबानी अडानी जैसे बड़े उद्योगपतियों के उद्योगों में कोयला पहुंचाकर दी जाती है। उसे कोई असुविधा न हो इस कारण सरकार द्वारा रायपुर दुर्ग रेल सुविधा को कोरोना महामारी के नाम पर बंद किया गया।जबकि रायपुर जो छत्तीसगढ़ की राजधानी के रूप में जाना जाता है और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों द्वारा वहां पहुंचने के लिए सबसे सुलभ साधन चिरमिरी से दुर्ग रेल लाइन थी किंतु उसे भी सरकार द्वारा बंद कर केवल बड़े उद्योगपतियों के उद्योग को फायदे पहुंचाने हेतु मालगाड़ी की सुविधा को बढ़ाया जा रहा है।क्या सरकार बड़े उद्योगपतियों द्वारा ही चुनी जाती है? क्या एक गरीब का सरकार बनाने में कोई योगदान नहीं है ? यह तो सोचने वाली बात है की कैसे सिर्फ एक वर्ग को सुविधा और देश की आम जनता को परेशानी और महंगाई के अलावा सरकार ने कुछ नहीं दिया।सरकार देश में अच्छी चिकित्सा एवं शिक्षा की बात करती है,लेकिन परिणाम साफ जाहिर है की सरकार केवल और केवल संपन्न वर्गो के लिए ही बनाई जाती है।चुनाव आते ही चिरमिरी मनेन्द्रगढ़ और खड़गवां क्षेत्र की जनता से पांव पड़कर वोट मांगा जाता है लेकिन जब बात क्षेत्र के विकास की आती है तो विकास के नाम पर ठेंगा पकड़ा दिया जाता है।सरकार को मालूम होना चाहिए कि किसी क्षेत्र का विकास करने के लिए यातायात की सुगमता अत्यन्त आवश्यक है।लेकिन हम ऐसी सरकार से उम्मीद भी क्या करें जिसे गरीबों से कोई सरोकार नहीं है। अब सरकार इस चीज को समझ ले कि जनता और बर्दाश्त नहीं करेगी और जिस तेजी के साथ जिस ऊंचाई पर तुम्हे जिस जनता ने पहुंचाया है। वही जनता तुम्हे औधें मुंह पटकेगी।
