
सुरेन्द्र मिनोचा
मनेन्द्रगढ़ :- जिले के युवा कांग्रेसी नेता व्यंकटेश सिंह ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार यात्री ट्रेनों को जबरन बार-बार रद्द कर रही है।सिंह ने बीजेपी की अगुवाई वाली केंद्र सरकार पर रेलवे का निजीकरण कर उद्योगपतियों को बेचने की साजिश का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि पहले ही एम सी बी जिले में रेल सुविधाओं की कमी है,इसके अलावा लगातार पैसेंजर व एक्सप्रेस ट्रेनों को बिना वजह रद्द किया जा रहा है। जिसके चलते केंद्र सरकार को सचेत करने के लिए 13 सितंबर को रेल रोको आंदोलन किया गया था।व्यंकटेश सिंह ने बताया कि इस रेल रोको आंदोलन में जिले के साथ-साथ आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में कांग्रेसी कार्यकर्ता और आम लोग मौजूद थे जो इस बात को प्रमाणित करता है कि लोग कितने परेशान हैं।
“दो साल में 10 हजार यात्री ट्रेनें हुई रद्द”
आंदोलन के संदर्भ में सिंह ने बताया कि शहर के रेलवे स्टेशन पर रेल रोको आंदोलन किया गया उन्होंने कहा कि जिले में लंबे समय से रेल सुविधाओं की कमी है,जिले से गिनती की पैसेंजर ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है और यह ट्रेन भी बार-बार बिना वजह के रद्द कर दी जाती है।लॉकडाउन से बंद हुई रीवा ट्रेन कोरोना काल खत्म होने के दो साल बीत जाने के बाद शुरू की गई वह भी एक दिन के अंतराल से,इससे आमजन बेहद परेशान हैं।सिंह ने दावा करते हुए कहा कि पिछले दो सालों में 10 हजार यात्री ट्रेनों को बिना वजह रद्द किया गया है,ऐसे में सबसे ज्यादा उन यात्रियों को परेशानी होती है जो सिर्फ ट्रेनों से ही आवाजाही करते हैं।ट्रेनों को रद्द करने के पीछे मोदी सरकार की साजिश बताते हुए उन्होंने कहा कि जिस तरह लगातार देशभर में सरकारी उपक्रमों को निजी हाथों में सौंपा जा रहा है, वैसे ही भारतीय रेलवे को भी निजीकरण करने की फिराक में मोदी सरकार है।केंद्र सरकार बेवजह ट्रेनों को रद्द कर आम लोगों को परेशानी में डाल रही है। ऐसा पहली बार है जब बीजेपी की सरकार बनने के बाद इतनी बड़ी संख्या में ट्रेनों को रद्द किया जा रहा है।
