
*शिक्षक*
कोटिश:नमन शिक्षकों के चरणों में
वंदन अभिनंदन करते हैं
जिनके आशीर्वाद से
जीवन सफल हो जाया करते हैं
जितने भी हैं दुनिया में
सब शिक्षक के ही गढ़े गढ़ना है
डॉक्टर, इंजीनियर ,कलेक्टर, वैज्ञानिक
इनके परिकल्पना का ही उदाहरण है
बड़े बड़े असाध्य रोगों का पहचान
निदान उपचार बताने वाले
डॉक्टर के हाथ में पेन से सुई पकड़ाने वाले
शिक्षक ही तो है
इंजीनियर को इंजीनियरिंग का बादशाह बनाने वाले
शिक्षक ही तो है
बचपन से ही कलेक्टर बनने की राह दिखाने वाले
शिक्षक ही तो है
चाँद तो चाँद अब सूरज की शैर में निकलने वाले
वैज्ञानिक बनाने वाले
शिक्षक ही तो है
इसीलिए तो राष्ट्र निर्माता
भाग्य विधाता
हमारे प्यारे शिक्षक है
अच्छा संस्कार संदेश बताने वाले
प्यारे शिक्षक ही तो हैं
पर शिक्षक हैं कौन
मैं कहता हूँ वे सब शिक्षक हैं जिनसे हमने कुछ भी सिखा है
लेमेंद्र साहू
(अनुराग)
परसदा (मोखा)
गुंडरदेही बालोद( छ. ग.)
