
पदमकोट,नेलांगगुर,तोयामेटा,गट्टाकाल,मटावड़ा में गोटुल में शुरू हुआ अक्षरज्ञान, 10 वर्षों से बंद विद्यालयों को, पुनः करवाया जा रहा प्रारंभ।
नारायणपुर :- किसी भी क्षेत्र में विकास की बुनियाद शिक्षा पर टिकी होती है अबूझमाड़ के बीहड़ो में कई ऐसे क्षेत्र हैं जहां स्कूल नहीं होने से बच्चों का भविष्य अंधकारमय था, जहां नक्सली आतंक के चलते कई वर्षों से स्कूल बंद थी बच्चों का भविष्य बर्बाद हो रहा था कलेक्टर अजीत वसंत ने ऐसे अबूझमाड़ के बीहड़ इलाकों में स्कूल प्रारंभ करवाया, जिससे अब अबूझमाड के बच्चे भी पढ़ लिख कर अपने क्षेत्र का विकास कर सकेंगे । गोटूल में अक्षरज्ञान की हुई शुरुआत नक्सल प्रभावित में अबूझमाड़ के इलाकों में स्कूल प्रारंभ करवाना एक बड़ी चुनौती थी इन चुनौतियों का बखूबी सामना करते हुए शासन प्रशासन ने अबूझमाड़ के बीहड़ इलाके पदमकोट, नेलांगगुर,तोयामेटा,गट्टाकाल,मटावड़ा में स्कूल तो शुरू कर दी परंतु वहां स्कूल के संचालन के लिए भवन नहीं था या तो वहां के भावनाओं को नक्सलियों ने तोड़ दिया था या फिर वहां कभी भवन था ही नहीं इन परिस्थितियों में कलेक्टर ने स्थानीय ग्रामीणों से चर्चा कर सामंजस्य स्थापित कर गोटूल में प्राथमिक शालाओं का संचालन शुरू करवाया, अपने बच्चों का भविष्य सावरता देख, ग्रामीण भी अपनी खुशी इजहार करते दिखे । अबूझमाड़िया समुदाय से शिक्षक की व्यवस्था स्कूल भवन के बाद दूसरी चुनौती थी शिक्षकों की, क्योंकि इन बीहड़ इलाकों में कोई बाहर से पढ़ने नहीं आना चाहता था, इस पर कलेक्टर ने तत्काल डीएफ फंड से स्थानीय अबूझमाडिया युवकों को अतिथि शिक्षकों के रूप में नियुक्त किया, वे अब सफल रूप से स्कूलों का संचालन कर रहे हैं ।10 वर्षों से बंद विद्यालयों को, पुनः करवाया जा रहा प्रारंभ शासन प्रशासन द्वारा 10 वर्षों से बंद स्कूलों को भी पुनः प्रारंभ करवाया गया है जिसमें कोडहेर और हिंरगई ऐसे स्कूल है जो नक्सली आतंक के चलते शून्य संख्या होकर 2013-14 से बंद थे जिसे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के मंशाअनुरूप शासन प्रशासन की दृण इच्छाशक्ति से 10 वर्षों बाद पुनः प्रारंभ कराया गया वही मटावन्ड और हाथीबेड़ा के स्कूल 2018 से बंद थे इन दोनों स्कूलों को भी प्रशासन द्वारा हाल ही में पुनः प्रारंभ करवाया गया। शिक्षा व्यवस्था सुदृढ़ हो, इसके लिए प्रशासन दृढ़ संकल्पित। छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशो का पालन करते हुए, लगातार अबूझमाड़ क्षेत्र में सुलभ एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचने के लिए लगातार विद्यालय प्रारंभ करवाए जा रहे हैं व वर्षों से बंद विद्यालयों को भी पुनः प्रारंभ कराए जा रहे हैं, जहां भवन नहीं है अभी स्थानीय लोगों से चर्चा कर गोटूल में स्कूल का संचालन किया जा रहा है तथा उन क्षेत्रों के लिए नए स्कूल भवन की स्वीकृति भी कर दी गई है जिले के अंतिम छोर तक शिक्षा व्यवस्था सुदृढ़ हो, इसके लिए प्रशासन दृढ़ संकल्पित है |
