
फिंगेश्वर :- मेगा संकुल स्तरीय एफ एल एन प्रशिक्षण संकुल सेंदर मे द्वितीय चरण का प्रशिक्षण 16 अगस्त से प्रारंभ होकर 18 अगस्त को सम्पन्न हुआ। प्रशिक्षण का शुरुआत संकुल प्राचार्य मेघा ठाकरे संकुल समन्वयक पुराणिक ध्रुव, गैन्दू राम पटेल मास्टर कोमल चंद साहू एवम् उपस्थित शिक्षको के द्वारा माँ सरस्वती के छाया चित्र पर दीप प्रज्वलित कर किया गया। स्वागत गीत शिक्षिका नीतू दीवान व सरस्वती वंदना शिक्षिका लता ध्रुव द्वारा प्रस्तुत किया गया। वही शिक्षिका गीता साहू द्वारा प्रेरणा गीत प्रस्तुत किया गया।तत्पश्चात प्रशिक्षण प्रांरभ हुआ।संकुल प्राचार्य मेघा ठाकरे द्वारा प्रशिक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला गया।उन्होंने कहा कि बुनियादी साक्षरता और संख्या ज्ञान हासिल करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।बाकी की शिक्षा नीति तभी प्रासंगिक होगी जब बच्चें ये बुनियादी कौशल हासिल करे।किंतु पूरे भारत वर्ष मे पांच करोड़ से अधिक बच्चे बुनियादी कौशल प्राप्त नहीं कर पाए हैं।संकुल समन्वयक पुराणिक ध्रुव ने कहा कि सभी मन लगा कर प्रशिक्षण प्राप्त कर अपने-अपने विद्यालय में इसका प्रयोग करते हुए बुनियादी साक्षरता और संख्या ज्ञान सभी बच्चे हासिल कर सके।तत्पश्चात मास्टर ट्रेनर कोमलचंद साहू द्वारा तीन दिनों तक होने वाले प्रशिक्षण की जानकारी दी।उन्होंने बताया कि हम दीक्षा एप के माध्यम से निष्ठा 3.0 अन्तर्गत माँडुलर 01 से 12 तक प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं लेकिन उनके सही तरीके से प्रयोग नहीं करने के कारण यह प्रशिक्षण आप सभी को दिया जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान आकस्मिक निरीक्षण करते हुए सहायक विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी हेमंत साहू ने बताया कि एफ एल एन के लक्ष्य एवं उद्देश्य 2026-27 तक प्राप्त करना है। नेप 2020 के अन्तर्गत 5+3+3+4 को बताया गया।उन्होंने कहा मिशन में बच्चों के समग्र विकास पर ध्यान केंद्रित किया गया। इसलिए विकास के सभी क्षेत्रों से जुड़ी दक्षताओं के लिए सीखने के प्रतिफल दिए गए है। प्रशिक्षण को गंभीरता पूर्वक ग्रहण करे इसे हल्के में न लेते हुए प्रशिक्षण के माध्यम से कठिनाइयों व समस्या का निराकरण करते हुए गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा देने की बात कही।संकुल प्राचार्य पूरन लाल साहू ने कहा कि नींव मजबूत करना ही एफ एल एन प्रशिक्षण का उद्देश्य है। प्राथमिक स्तर पर कक्षा 4 एवं 5 में हिन्दी व गणित विषयों में विद्यार्थियों के लर्निंग गैप को समाप्त करने व मूलभूत भाषाई व गणितीय कौशल विकास के लिए यह प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने आगे व्यक्तित्व विकास के बारे में बताते हुए कहा कि हर व्यक्ति जन्म से अनूठा है। सभी मे कुछ ऐसा है जो हमें औरों से अलग करता है। व्यक्तित्व विकास के विकास में वंशानुगत एवं वातावरण गत सभी घटकों का प्रभाव पड़ता है। व्यक्तित्व किसी व्यक्ति का व्यवहार है। व्यक्तित्व एक कलाकृति के समान होना चाहिए। प्रशिक्षण में प्रमुख रूप से सहायक विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी हेमंत साहू, अनिल ध्रुव, संकुल प्राचार्य मेघा ठाकरे, पूरन लाल साहू, संकुल समन्वयक पुराणिक ध्रुव, गैंदुराम पटेल, मास्टर ट्रेनर कोमलचंद साहू, शिक्षक नंद साहू, टुकेश्वर ध्रुव, वीरेंद्र साहू, हिरावन साहू, मिथुन मरकाम, देवेश साहू, लता ध्रुव, शकुन गिलहरे, रंजना ढ़ीढ़ी, विद्या बोर्झा, लोकेश्वरी साहू, नेहा भोंसले, तीरथ राम साहू, नंद जोशी, नीतू दीवान, भुवनेश्वरी कंवर, नंद नेताम, तिलेश्वरी ढ़ीढ़ी, पार्वती ध्रुव, कृपा राम ध्रुव, प्रदीप साहू, गोपाल सोनवानी उत्तम देवांगन, गीता साहू, सुशीला ध्रुव व संकुल केन्द्र बिजली, सेंदर व बेलर के शिक्षक उपस्थित थे।
