
रेला पाटा व सांस्कृतिक कार्यक्रम की मनमोहक प्रस्तुति।
पवन निषाद
मगरलोड:- 9 अगस्त बुधवार को मगरलोड के कृषि उपज मंडी में सर्व आदिवासी समाज द्वारा जिला स्तरीय विश्व आदिवासी दिवस मनाई गई। जिला स्तरीय कार्यक्रम में मगरलोड, कुरूद, नगरी, धमतरी ब्लाक के सर्व आदिवासी समाज के लोग शामिल हुए। सर्वप्रथम गोंडवाना भवन बुढ़ा देव मंदिर में पूजा अर्चना कर कार्यक्रम की शुरुआत की। बूढ़ादेव मंदिर सेआदिवासी समाज की पारंपरिक लोक नृत्य, रेला पाटा ,पारंपरिक डाग डोरी , भोजली आंगा देवता बस स्टैंड से होते हुए नगर भ्रमण किया। तत्पश्चात कार्यक्रम स्थल पहुंचे। सर्वाधिक समाज के युवाओं ने मणिपुर में हुई हिंसा के विरोध में बाइक रैली निकालकर आक्रोश व्यक्त की। कार्यक्रम की अध्यक्षता जीवराखन लाल मरई ने की। विशेष अतिथि डां.लक्ष्मण यादव प्रोफेसर दिल्ली विश्वविद्यालय,डां. लक्ष्मी ध्रुव उपाध्यक्ष मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण व विधायक सिहावा विधानसभा,ज्योति दिवाकर अध्यक्ष जनपद मगरलोड,नीतू खिलावन साहू नगर पंचायत अध्यक्ष मगरलोड, शिवचरण नेताम ,देवनाथ नगारची, विश्राम दाऊ,रैनवाल देव,जीवनलाल सोनवानी,अनिल कंडरा,माधव सिंह ठाकुर,विकास मरकाम, महेश रावटे,कमलनारायण देव,उदय नेताम,मनोज साक्षी,जयपाल ठाकुर , कांति कंवर,छेद प्रकाश कौशिल,ललित ठाकुर, रामप्रसाद मरकाम,अनिता ठाकुर,गायत्री कंवर, कांशीराम कंवर,मंगाया राम चनाप,अमृत लाल बारला,बुधराम नेताम, घनश्याम सोरी, उच्च पारधी,आरएल देव, सुरेश ध्रुव,किरत नागवंशी,भूपेन्द्र ध्रुव, खूब लाल ध्रुव, रोहित दिवान रहे।
(डॉ लक्ष्मी ध्रुव ने कहा कि आदिवासी समाज बड़ा समाज है । यदि हम एक साथ खड़े होंगे तो समाज में समस्या नहीं होगी। राज्य सरकार आदिवासियों के लिए कई योजनाएं चल रही है।जिसका लाभ लेकर आदिवासी समाज के लोग आर्थिक तौर पर उन्नति कर रहे है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के लिए इस समाज के प्रबुद्ध वर्ग को आगे आने की जरूरत है हमारे बच्चे क्या पढ़ाना है वह क्या व्यवसाय कर सकते है। कैसे नौकरी हासिल कर सकते है इस पर उन्हें प्रेरित किया जाना चाहिए।)
( सर्व आदिवासी समाज के जिलाध्यक्ष जीवराखन लाल मरई ने कहा कि आज 32 प्रतिशत आरक्षण समाज के संघर्ष और एकजुटता के कारण मिला है। आदिवासी छात्रावासों में 200 सीट आज खाली है सिंगपुर में 100 बिस्तर
एससी हॉस्टल खुला है लेकिन एक भी बच्चे नही है। वन अधिकार पट्टा में 1 से 13 कालम है कैफियत में कब्जा लिखा जा रहा है लेकिन भू स्वामी को पट्टा देना चाहिए। अगस्त 2023 में लोकसभा और राज्यसभा में वन संरक्षण अधिनियम पारित हुआ है। इससे आदिवासी समाज के रीतिरिवाज,संस्कृति खत्म हो जाएगा। प्रदेश के 85 विकासखंड पेशा कानून के दायरे में आता है जिसमे नगरी विकासखंड भी आता है। पेशा कानून की आत्मा खत्म कर दिया गया है। जबकि 1996 में जो पेशा कानून पारित हुआ था उनका पालन नही हो रहा है। नगरी के 110 वनग्राम को राजस्व ग्राम घोषित किया गया है। लेकिन भुइयां पोर्टल में शो नही रहा है जिसके वजह से कई सारी परेशानी आदिवासी समाज को हो रहा है।)

(विशेष आमंत्रित अतिथि डॉ लक्ष्मण यादव प्रोफेसर दिल्ली यूनिवर्सिटी ने कहा कि समाज में हर व्यक्ति को शिक्षित होना जरूरी है। तभी वह अपने अधिकारों को जान एवं समझ सकता है। हमारे पुरखो जो बलिदान दिया आज उन्हीं के वजह से हमारा अस्तित्व है। हमारे पुरखों की ताकतवर, शक्तिशाली थे। भारत देश में जाति व्यवस्था बनाकर इंसान का इंसान से बंटवारा कर दिया गया। आदिवासी समाज एवं ओबीसी समाज की पद्धति एक ही है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग संविधान को बदलना चाहते हैं इसको अलग राष्ट्र बनाना चाहते है। लेकिन हम संविधान को मानने वाले उसे माफ नहीं करेंगे। हम प्रकृति के बीच में जीते है दूसरे लोग बीच में आ गए । जल जंगल जमीन बची नहीं रहती यदि मूलनिवासी देश में नहीं होती। आज जिसने इस मुल्क को रहने लायक बनाया उनका हक छीना जा रहा है। प्रधानमंत्री बार-बार झूठ बोलते है उन्होंने हमारी जमीन बेच दी, रेलवे बेच दी,यहां तक की शिक्षा तक बेच दिया। हमें मंदिर द्वारा नहीं चाहिए हमें शिक्षा का मंदिर चाहिए। कुछ लोग धर्म के नाम पर हमारे युवाओं को बरगला रहे है जो बरगला रहे है उनके बेटे बेटियां विदेशों में पढ़ रहे है और ये लोग वर्षों तक चुनाव जीत कर राज कर रहे है। वोट मांगने के समय ही ओबीसी समाज की याद आती है लेकिन मंडल कमीशन पर कोई बात नहीं करते।)
विकास मरकाम, खुबलाल ध्रुव ने भी अपनी बात रखी।
सर्व आदिवासी समाज द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम रखी गई थी। कार्यक्रम में समाज के एक से एक बढ़कर कलाकारों ने मनमोहक प्रस्तुति से सबका मन मोह लिया। जिला स्तरीय कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में अपनी विशिष्ट योगदान देने वाली समाज के प्रतिभावान युवाओं को सम्मानित किया गया। विश्व आदिवासी दिवस मनाने जिले भर के 20 हजार से अधिक लोग शामिल हुए थे।
इस अवसर पर जीवराखन लाल मरई , महेश रावटे, कमलनारायण ध्रुव , माधव सिंह ध्रुव,जगन्नाथ मंडावी , मनीष ध्रुव,उमेश देव , हरिश्चंद्र नेताम , हृदय नाग , सेवक राम ध्रुव, पोखन कंवर ,अशोक ध्रुव,ओमप्रकाश कंवर , घनश्याम नेताम , पुनु राम ध्रुव,भीखम नगारची , मदन सिंह नगारची , मदन सिंह ध्रुव, दुजराम ध्रुव, सोमनाथ ध्रुव, हिरामन ध्रुव, नारायण सिंह ध्रुव, नेकराम ध्रुव, पन्ना लाल ध्रुव, रोहित दिवान,कुलेश्वर बंसकार, चैन सिंह कंडरा , सीत राम कंडरा , कंचन ध्रुव, गायत्री कंवर , चमेली नेताम , वेदप्रकाश ध्रुव, संतोष कुंजाम , प्रमोद कुंजाम, बंटी मरकाम , दिग्विजय सिंह ध्रुव , रामेश्वर मरकाम, हेमन्त छेदैहा, हरिशंकर मरकाम, अर्जुन मंडावी , इंदल मरकाम, विजेन्द्र मंडावी , गोपी पडोटी , भुपेंद्र मंडावी , भेपेन्द्र कंवर ,वेदप्रकाश मंडावी, खिलेश नेताम ,विनायक मंडावी , देवा कंवर, रिकेन्द्र कंवर, विद्याचरण नेताम, हिरवानी ठाकुर, डोमार ध्रुव ,गुलशन कंवर, वेद सूर्यवंशी ,अशोक नेताम, कुश सोम, उगेश ध्रुव,अजय ठाकुर, रेखराम ध्रुव, शेष नारायण ध्रुव सहित बड़ी संख्या में बच्चे, युवा महिला पुरुष उपस्थित थे।
