
राजिम:- विधायक अमितेश शुक्ल के ग्राम तर्रा बस्ती से नेशनल हाईवे मुख्य सड़क मार्ग तक सड़क निर्माण कार्य के लिए 6 लाख रूपये स्वीकृति करने की अनुशंसा पर ग्राम तर्रा के ग्रामीण एक बार फिर विरोध में मोर्चा खोल दिया है।ग्राम तर्रा के ग्रामीण रोड़ नहीं तो वोट नहीं का संकल्प लेकर विधायक मद से 6 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान करने राजिम विधायक अमितेश शुक्ल के अनुशंसा को अस्वीकार करते हुए।

राशि वापस लौटने ग्राम पंचायत एवं ग्राम विकास समिति ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया है।ग्राम विकास समिति तर्रा अध्यक्ष बिसहत पटेल उपाध्यक्ष लोमस साहू कोषाध्यक्ष टोमन साहू सचिव पवन साहू सह सचिव राजेश निर्मालकर संगठन मंत्री फत्ते साहू सरपंच सुमित्रा बंजारे जनपद सदस्य संतोष सेन सरपंच प्रतिनिधि सिकंदर बंजारे उपसरपंच दुली चंद दौलत पंच खोरबहारा साहू पंच गिरधारी साहू डॉक्टर माणिक साहू पूर्व सरपंच लखन पटेल गैंदू साहू याद राम साहू ब्यास नारायण साहू उत्तम साहू वामन साहू सेवा राम पटेल चरण सतनामी हिराऊ पटेल लक्षणु पटेल सीतल साहू जागेश्वर साहू अशोक विश्वकर्मा लालजी साहू थाऊ राम साहू थाया साहू प्यारे पटेल मकसूदन शाह जोहान साहू पुरषोत्तम साहू नरेश साहू मंगलू राम यादव डेरहा सतनामी सुदर्शन भांडेकर खोमान विश्वकर्मा ने बताया कि ग्राम तर्रा में एक बैठक आहूत कर ग्रामीणों को जानकारी देते हुए बताया कि राजिम विधायक अमितेश शुक्ल ने ग्राम तर्रा बस्ती से नेशनल हाईवे मुख्य सड़क मार्ग तक सड़क निर्माण कार्य के लिए 6 लाख रुपए राशि स्वीकृति प्रदान करने अनुशंसा किया हैं।जिस पर ग्रामीणों ने एक स्वर में इसका विरोध करते हुए कहा की हमें पक्की सड़क मार्ग चाहिए। 6 लाख रुपए की राशि नहीं। ग्रामीणों का कहना था कि
सड़क मार्ग निर्माण के लिए 6 लाख रूपये राशि पर्याप्त नहीं हैं। ग्रामीण अब रोड़ नहीं तो वोट नहीं का संकल्प लिया है।उल्लेखनीय है कि जब शासन प्रशासन एवं जनता के चुने हुए जनप्रतिनिधि ने आम जनता की नहीं सुनी बात तो ग्रामीणों ने स्वयं राशि जुटाए और पक्की सड़क मार्ग बना रहे हैं।विकास के इस दौर में भी ग्रामीणों की बात नहीं सुनी जा रही जिसके चलते मजबूरन ग्रामीणों ने स्वयं की राशि से सड़क मार्ग बनाने जैसे साहसिक निर्णय लिए हैं। ग्रामीण लगभग 2 किमी की दूरी एक सड़क निर्माण के लिए 26 फीट चौड़े आकार में जमीन दान में दिए हैं।तर्रा गांव के हजारों ग्रामीणों ने पक्की सड़क मार्ग बनाने की मांग को लेकर शासन प्रशासन के विरोध में नेशनल हाइवे 130 सी पर चक्का जाम भी कर चुके हैं।प्रशासन ने 3 महीने के अवधि में पक्की सड़क मार्ग बनाने का आश्वासन ग्रामीणों को दिए थे । प्रशासन के तय अवधि में भी जब सड़क मार्ग नहीं बने तो ग्रामीणों ने एक बार फिर एकता दिखाते हुए पक्की सड़क बनाने स्वयं राशि जुटाने एकमत हुए और तर्रा गांव से मुख्य सड़क मार्ग तक लगभग 2 किलोमीटर की पक्की सड़क मार्ग बनाने काम शुरू कर दिए हैं। पक्की सड़क मार्ग बनाने ग्रामीण पहले किस्त में अब तक 6 लाख रुपए खर्च कर चुके हैं।तर्रा गांव के किसानों ने सड़क मार्ग बनाने के लिए अपनी स्वयं खेती जमीन को दान में दिए हैं।ग्राम तर्रा में ग्रामीणों के द्वारा उठाए गए इस साहसिक निर्णय ने हर किसी के सोच को बदलने पर विवश कर दिए हैं।इस गांव के एकता और अखंडता के लोग मिसाल देने लगे हैं।उल्लेखनीय है की 30 मई 2023 को ग्राम तर्रा के हजारों ग्रामीण ने 20 साल पुरानी मांग तर्रा से मुख्य सड़क मार्ग तक पक्की सड़क बनाने की मांग मनाने नेशनल हाईवे 130 सी पर 3 घंटा तक शासन प्रशासन के विरोध में चक्का जाम किया। मौके पर मान मनौव्वल करने पहुंचे प्रशासनिक अधिकारी अपर कलेक्टर एसडीएम ने तीन माह में पक्की सड़क मार्ग बनाने का आश्वासन दिया था।जिसके बाद ग्रामीण सड़क मार्ग में चल रहे आंदोलन समाप्त कर दिया।आज तर्रा के ग्रामीण कलेक्टर जन चौपाल में पहुँचकर विधायक द्वारा 6 लाख रुपये देने की अनुशंसा किया गया हैं।रोड को निर्माण कराने की बात पर जोर दे रहे हैं।ग्रामीण रोड़ नहीं बनने पर आगामी विधानसभा चुनाव में बहिष्कार का निर्यण लिए हैं।
