
मगरलोड :- मगरलोड विकासखंड के ग्राम मोहेरा में दलित किसान के बहिष्कार के आरोप को निराधार बताते हुए पंचायत प्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों ने निष्पक्ष जांच कराकर उचित कार्यवाई करने की मांग की है। गौरतलब है कि ग्राम मोहेरा निवासी देवनारायण लहरे ने अपने तीन बच्चों के साथ एसपी कार्यालय पहुंचकर उसे गांव से बहिष्कृत किये जाने की शिकायत की थी। अब इस मामले में पंचायत प्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों ने आरोप को झूठ व निराधार बताया है। सरपंच कुलेश्वर साहू, उपसरपंच शिव कुमार सोरी, ग्राम समिति अध्यक्ष नरेश सोम, उपाध्यक्ष गैदलाल, सचिव श्रवण साहू, जनपद सदस्य नारायण ध्रुव , नम्मू बिसेन, भुवन लाल कशयप सहित अनेकों ने लिखित में बताया कि ग्राम के खसरा नंबर 820 रकबा 0.91 हेक्टेयर घासभूमि है जिसमें गौठान संचालित हो रहा है। देवनारायण लहरे ग्राम बंगोली का निवासी है और उसी गांव में निवासरत है। करीब दो माह पूर्व मोहेरा में आकर उसने गौठान के बीचोबीच रातोंरात शेड निर्माण है कर लिया। जिसके कारण गौठान संचालन में परेशानी हो रही थी। इसलिए पंचायत अधिनियम के तहत नोटिस जारी कर ग्रामीणों की उपस्थिति में अवैध कब्जा हटाया गया है। जिसके बाद देवनारायण द्वारा पंचायत पदाधिकारियों एवं वरिष्ठ नागरिकों के ऊपर झूठा आरोप लगाया जा रहा है। जबकि उसे किसी भी तरह से प्रताड़ित नहीं किया गया है। उसके द्वारा लगाये गए आरोप झूठे व निराधार है। ग्रामीणों का कहना है कि उसके द्वारा गांव के विशिष्ठ ने व्यक्तियों का रास्ता रोककर देख लेने धमकी दिया जा रहा है। जिससे गांव में अशांति का माहौल है और कभी भी कोई द्र अप्रिय घटना हो सकती है। सरपंच कुलेश्वर साहू ,नरेश सोम, गैंदलाल, शिव कुमार,श्रवण साहू,चमन पटेल, डागेश्वर निषाद, उमेश कुमार, नेमीचंद कश्यप, परमेश्वर साहू सुखेन राम, टिकेश्वर श्रमाली ने प्रकरण में निष्पक्ष जांच कर उचित झठे आरोप लगाने वाले के ऊपर कार्यवाई करने की मांग किया है।
