राजिम :- जैसा कि हम बता ही चुके हैं कि जीरा एक तरह का मसाला है। इसे भारत में बड़े स्तर पर इस्तेमाल किया जाता है। यह व्यंजन को अच्छा स्वाद देता और इसकी महक से डाइजेस्टिव एंजाइम सक्रिय हो सकते हैं। इससे मुंह में सलाइवा का निर्माण होने लगता है भूख बढ़ सकती है। भोजन बनाने में जीरा का उपयोग साबुत बीज और पाउडर, दोनों रूपों में किया जाता है। इसका वैज्ञानिक नाम क्यूमिनम सायमिनम
बाजार में दो प्रकार के जीरा उपलब्ध हैं, काला जीरा और सफेद जीरा। सफेद जीरा अधिकतर गरम मसाला बनाने के लिए उपयोग किया जाता है, यह खाने की खुशबू और स्वाद दोनोंबढ़ाता है। वहीं, काले जीरे का इस्तेमाल भी गर्म मसाले में किया जाता है, लेकिन इसकी खुशबू सफेद जीरे से थोड़ी कम होती है। जीरा स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी माना जाता है। नीचे इसके विभिन्न स्वास्थ्य लाभ के बारे में बताया गया है।
फायदे. :-
जोड़ों में दर्द के लिए जीरे के फायदे :- हड्डियों और जोड़ों का दर्द दूर करने में नियमित जीरा का सेवन मदद कर सकता है। दरअसल, जीरे में एंटीइंफ्लेमेटरी गुण होता है, जो सूजन को कम करने में मदद कर सकता है। साथ ही इसके एथनॉलिक अर्क में एनाल्जेसिक गुण पाया जाता है, जो दर्द से राहत दिला सकता है।

जीरे का पानी पिएं, खाने में जीरा शामिल करें या फिर जीरे का तेल लगाएं, यह हर लिहाज से फायदेमंद है। एनसीबीआई की एक रिसर्च की मानें, तो काले जीरा के तेल की मसाज से घुटनों का दर्द कम हो सकता है। यह खासकर, बुजुर्गों को होने वाले ऑस्टियोअर्थराइटिस (गठिया का एक प्रकार) को कम कर सकता है।
पेट दर्द के लिए जीरा के फायदे :- जीरे के गुण में पेट दर्द और डायरिया जैसी परेशानियों से बचाव करना भी शामिल है। यहां तक कि यह इर्रिटेबल बाउल सिंड्रोम (आंतों से जुड़ा विकार) के लक्षणों, जिसमें पेट दर्द भी शामिल है, से भी राहत दिला सकता है । दरअसल, जीरा में एनाल्जेसिक गुण होता है, जो दर्द से राहत दिलाने के लिए जाना जाता है । जीरे का पानी पीने के साथ ही मसाले में भी इसे शामिल किया जा सकता है। कुछ लोग इसे भूनकर भी खाते हैं।
मासिक धर्म में जीरा के लाभ :-मासिक धर्म के समय कई महिलाओं को पेट में ऐंठन, दर्द और मतली जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ऐसी स्थिति में पौष्टिक आहार लेने के साथ-साथ जीरे का सेवन लाभदायक हो सकता है। जैसा कि हम ऊपर बता ही चुके हैं कि जीरा में दर्द निवारक गुण होते हैं, जो दर्द को कम करने में मदद कर सकता है । वहीं, एक शोध में कहा गया है कि मासिक धर्म की वजह से होने वाले दर्द और ऐंठन में यह लाभदायक हो सकता है इसी आधार पर कहा जा सकता है कि जीरे के पानी के फायदे में मासिक धर्म में होने वाला दर्द और ऐंठन की समस्या से राहत दिलाना भी शामिल है।
त्वचा के लिए जीरा के फायदे :-जीरे के गुण यकीनन अनेक हैं, यह त्वचा को भी स्वस्थ रखने में मदद कर सकता है। एक शोध के मुताबिक बेजान त्वचा, वक्त से पहले झुर्रियां व दाग-धब्बों से छुटकारा पाने के लिए जीरे का उपयोग किया जा सकता है। जीरा विटामिन-ई से भरपूर होता है, जो त्वचा के निखार, जवां दिखने और खूबसूरती के लिए जरूरी माना जाता है। साथ ही जीरा का तेल त्वचा को इंफेक्शन से बचा सकता है, क्योंकि इसमें एंटी-फंगल और एंटी-माइक्रोबियल गुण होते हैं । ग्लो के लिए जीरा का पानी या इसका लेप त्वचा पर लगाया जा सकता है।

बालों के लिए जीरे के फायदे :- डैंड्रफ एक आम समस्या है, जिससे निपटने के लिए एंटी-फंगल और एंटी-इंफ्लेमेटरी उपचार की जरूरत होती है। इस मामले में जीरे का एसेंशियल ऑयल एक कारगर घरेलू उपचार हो सकता है, जो एंटीफंगल और एंटीबैक्टीरियल गुणों से भरपूर होता है। ध्यान रहे कि जीरे का एसेंशियल ऑयल लगाकर धूप में न जाएं, क्योंकि ऐसा करने से त्वचा में संवेदनशीलता महसूस हो सकती है। इसमें कोई शक नहीं कि हर्बल चीजों का उपयोग डैंड्रफ पर ज्यादा असरदार हो सकता है।
पाचन के लिए जीरा के फायदे :- सही वक्त पर खाना न खाने और गलत खान-पान की वजह अपच की समस्या हो सकती है। ऐसे में अगर आहार में जीरा को शामिल किया जाए, तो पाचन में मदद मिल सकती है। एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध में जिक्र मिलता है कि पाचन संबंधी विकार, डायरिया, अपच, गैस और पेट फूलने जैसी समस्या को कम करने के लिए इसका उपयोग लंबे समय से किया जा रहा है । वहीं, तेल निकालने के बाद बचा हुआ जीरे का अर्क शरीर को जरूरी पोषक तत्व देने के साथ ही पाचन शक्ति में सुधार का काम कर सकता है । इसी वजह से जीरा अर्क के फायदे में पाचन सुधार को भी गिना जाता है। पाचन संबंधी बीमारियों से बचाव के लिए छाछ में जीरा पाउडर मिलाकर पी सकते हैं।
जीरा के नुकसान – यकीनन शरीर के लिए जीरा के फायदे अनेक हैं, लेकिन इसका अधिक सेवन करने से शरीर को जीरे के नुकसान भी हो सकते हैं। चलिए जानते हैं, क्या हैं जीरा के नुकसान।

- जीरे की तासीर गर्म होती है, इसलिए किसी भी नुकसान से बचने के लिए गर्भवतियों को जीरे का सेवन अधिक नहीं करना चाहिए।
- अगर किसी को जीरे से एलर्जी है या कोई पहली बार जीरे का सेवन कर रहा है, तो थोड़ी सावधानी के साथ इसका सेवन करें, क्योंकि इससे त्वचा पर एलर्जी हो सकती है।
- इसके सेवन से ब्लड शुगर लेवल कम हो सकता है, इसलिए डायबिटीज के मरीजों को इसका सेवन संतुलित मात्रा में करना चाहिए।
- अत्यधिक सेवन से रक्तस्राव का खतरा पैदा कर सकता है।
- काले जीरे के तेल का अधिक उपयोग करने से हल्की विषाक्तता हो सकती है।
