बेहतर डिटॉक्सिफायर के रूप में कार्य करता है – पान की पत्तियाँ।

राजिम :-  भारत में पान खाने की परंपरा बहुत पुरानी है, इसलिए इस पर कई गाने भी बन चुके हैं। पान में दो चीजें सबसे अहम होती हैं, एक पान का पत्ता और दूसरी सुपारी। आपको जानकर हैरानी होगी कि सुपारी से अलग पान के पत्ते औषधीय गुणों से भरपूर होते हैं। पान के पत्ते का उपयोग शरीर की कई परेशानियों से निजात पाने के लिए किया जा सकता है।

पान का पत्ता अपने गुणों के कारण सेहत के लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकता है। दरअसल, यह एक बेहतर डिटॉक्सिफायर (विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने वाला) के रूप में कार्य कर सकता है। इसके अलावा, यह डायबिटीज और कैंसर जैसी समस्याओं से बचाने में भी भूमिका निभा सकता है। यही नहीं पान का पत्ता मुंहासों और छालों से भी छुटकारा दिलाने में भी कुछ हद तक मदद कर सकता है। इसके अलावा, पान के पत्ते को इम्यून सिस्टम व हृदय के लिए भी बेहतर माना गया है। इन सभी तथ्यों की पुष्टि एनसीबीआई (नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफॉर्मेशन) की साइट पर उपलब्ध एक रिसर्च पेपर से होती है ।

पान के औषधीय गुण :- पुराने समय से ही आयुर्वेद में पान के पत्ते का उपयोग इसके औषधीय गुणों की वजह से किया जाता रहा है। इसमें एंटीऑक्सीडेंट (मुक्त कणों से लड़ने वाला), एंटीडायबिटिक (डायबिटीज के लक्षणों को कम करने वाला), एंटी इंफ्लेमेटरी (सूजन से लड़ने वाला), एंटी-कैंसर (कैंसर से बचाने वाला), एंटी-अल्सर (अल्सर से लड़ने में मदद करने वाला) जैसे गुण पाए जाते हैं ।

पान के पत्ते के फायदे – पान का पत्ता सेहत के लिए क्यों फायदेमंद है, यह तो आप जान चुके हैं, चलिए अब हम आपको बताते हैं कि विभिन्न बीमारियों में पान के पत्ते खाने के फायदे क्या हो सकते हैं। साथ ही हम स्पष्ट कर दें कि पान पत्ते हमें स्वस्थ रखने में मदद करते हैं। साथ ही अगर किसी को कोई बीमारी है, तो उसके लक्षणों को कम करने में मदद कर सकते हैं। हां, अगर कोई गंभीर रूप से बीमार है, तो डॉक्टर से उपचार जरूर करवाना चाहिए। सिर्फ घरेलू नुस्खों पर निर्भर रहना सही निर्णय नहीं है।

खांसी और कंजेशन के लिए :-पान के पत्तों में कई औषधीय गुण होते हैं। यह एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-माइक्रोबियल गुणों से भी समृद्ध होता है। पान के पत्ते के ये गुण खांसी से निजात दिला सकते हैं और संक्रमण को दूर कर खांसी के दौरान गले के कंजेशन से छुटकारा यानी गले को साफ करने का काम कर सकते हैं। इसकी पुष्टि एनसीबीआई की ओर से उपलब्ध विभिन्न रिसर्च पेपर से होती है । इसके अवाला एक अन्य रिसर्च पेपर में साफ तौर से इस बात की जानकारी मिलती है कि कंजेशन और खांसी को रोकने के लिए पान के पत्ते का उपयोग किया जा सकता है ।

मधुमेह की रोकथाम के लिए पान खाने के फायदे
मधुमेह की समस्या से बचने के लिए पान के पत्ते के फायदे देखे जा सकते हैं। इस संबंध में एनसीबीआई की साइट पर एक रिसर्च पेपर उपलब्ध है। चूहों पर किए गए इस रिसर्च पेपर में बताया गया है कि पान के पत्तों में एंटी हाइपरग्लाइसेमिक गुण होता है, जो रक्त में मौजूद ग्लूकोज को नियंत्रित करने में अहम भूमिका निभा सकता है। यही कारण है कि डॉक्टर की सलाह पर टाइप 2 डायबिटीज में इसका सेवन किया जा सकता है । ध्यान रहे कि अगर कोई मधुमेह से ग्रस्त है, तो उसे डॉक्टर की ओर से दी गई दवाओं का सेवन जरूर करना चाहिए।

डेंटल हीलिंग और ओरल हेल्थ के लिए
पान के पत्ते के फायदे में दांतों को मजबूत करने और ओरल संक्रमण को दूर करने के गुण भी शामिल हैं। एक शोध के अनुसार, बैक्टीरिया के कारण दांतों को होने वाले नुकसान को ठीक करने में पान के पत्ते कारगर दवा के रूप में कार्य कर सकते हैं। साथ ही बैक्टीरिया के कारण होने वाले मुंह के संक्रमण से भी राहत देने का काम कर सकते हैं ।

अच्छे पाचन के लिए :- पाचन संबंधी समस्याओं में भी पान के पत्ते खाने के फायदे देखे जा सकते हैं। पान के पत्तों को चबाने से पैदा होने वाली लार पाचन कार्यप्रणाली को बेहतर कर सकती है। इसमें प्राकृतिक रूप से डायजस्टिव गुण पाए जाते हैं । फिलहाल, इस संबंध में और शोध किया जा रहा है।

भूख को बढ़ाने के लिए
भूख बढ़ाने में भी पान के पत्ते सहायता कर सकते हैं। एनसीबीआई की ओर से उपलब्ध एक शोध में बताया गया है कि पान के पत्ते चबाने से भूख बेहतर हो सकती है। फिलहाल, इस विषय पर अभी और शोध की आवश्यकता है।

मुंह के छालों के लिए :- एनसीबीआई की वेबसाइट पर मौजूद एक शोध के मुताबिक, मुंह में मौजूद बैक्टीरिया के खिलाफ पान के पत्ते का अर्क प्रभावी हो सकता है। यही कारण है कि स्ट्रेप्टोकोकस म्यूटन्स नामक बैक्टीरिया के कारण मुंह में होने वाले संक्रमण से बचाव के लिए पान के पत्ते का इस्तेमाल एक नेचुरल एजेंट के रूप में किया जा सकता है । इस आधार पर यह कहा जा सकता है कि बैक्टीरिया के कारण मुंह में होने वाले छालों से निजात पाने के लिए खाने का पान उपयोगी हो सकता है।

शरीर की दुर्गंध दूर करने के लिए :-शरीर की दुर्गंध मिटाने के लिए पान के पत्ते से निकले अर्क का इस्तेमाल किया जा सकता है। एनसीबीआई की ओर से उपलब्ध शोध के मुताबिक, इसमें पाए जाने वाले औषधीय गुण शरीर की बदबू दूर करने में मदद कर सकते हैं । फिलहाल, इस पर और शोध किया जा रहा है कि किन औषधीय गुणों के कारण पान के पत्ते शरीर की दुर्गंध को कम करने में मदद कर सकते हैं
पान के पत्ते का उपयोग –पान के पत्तों का उपयोग अलग-अलग स्थानों पर अलग-अलग तरीके से होता है। नीचे हम क्रमवार तरीके से बता रहे हैं कि इसका उपयोग कैसे-कैसे कर सकते हैं।

  • इसका उपयोग पान मसाले के रूप में होता है, यह तो सभी जानते हैं।
  • पान का पत्ता चबाने से मुंह से दुर्गंध नहीं आती है। आप इसका उपयोग माउथ फ्रेशनर के रूप में कर सकते हैं।
  • पान का पत्ता पवित्र माना जाता है, इसका उपयोग पूजा लिए भी किया जाता है।

 नुकसान –पान का पत्ता सेहत के लिए कैसे फायदेमंद है, यह तो आप जान चुके हैं, लेकिन इसका अधिक सेवन नुकसानदायक भी हो सकता है। तो चलिए जान लेते हैं कि पान खाने के नुकसान क्या हो सकते हैं-

  • अधिक पान के पत्ते चबाने से हृदय गति, रक्तचाप, पसीना निकलना और शरीर के तापमान में वृद्धि हो सकती है ।
  • शोध के अनुसार, पान चबाने से एसोफैगल (खाद्य नली) और मुंह का कैंसर होने की आशंका हो सकती है ।
  • अगर गर्भावस्था में पान के पत्तों का सेवन किया जाता है, तो यह भ्रूण और उसके विकास के लिए हानिकारक हो सकता है ।
  • अधिक मात्रा में पान के पत्तों का सेवन थायराइड हॉर्मोन के निर्माण को कम या ज्यादा कर सकता है ।