
राजिम :- संस्कार परम्परा को जन जन तक पहुंचाने हेतु अखिल विश्व गायत्री परिवार सदैव से तत्पर रहा है उसी तारतम्य में राजिम नगर के शास प्राथमिक शाला सतनामीपारा में 8 बच्चों का विद्यारंभ संस्कार व 9 बच्चों का जन्मदिन संस्कार साथ ही शास प्राथमिक शाला दमौवापारा में भी 7 बच्चों का विद्यारंभ संस्कार व 2 जुड़वां बालिकाओं का जन्मदिन संस्कार माता सरस्वती व भगवान गणेश जी का आवाहन स्तुति वन्दना करते हुए महिला मण्डल राजिम की मुखिया चन्द्रलेखा गुप्ता ने सम्पन्न किया। बचपन में ही यदि

बच्चों में अच्छे संस्कारो का बीजारोपण कर दिया जाए और वैसा ही वातावरण भी मिल जाएं तो निश्चित ही वह अपना ही नहीं बल्कि पूरे विश्व वसुधा को झकझोर सकता है इन्हीं भावों को अपनी वाणी में पिरोते हुए सतनामी पारा प्राथमिक शाला के प्रधान पाठक संजय कुमार सिन्हा ने व्यक्त किया। गायत्री मंत्र को सभी स्कूलों में प्रायः सभी बच्चें प्रार्थना के रूप में बोलते है जिससे वहां का वातावरण बदलता नजर आ रहा है। दमौवापारा विद्यालय के शिक्षक नरेन्द्र देवांगन ने इस कार्य की सराहना करते हुए कहा कि गायत्री परिवार के द्वारा एक अच्छा कार्य किया जा रहा है तथा उन्होंने कहा कि 16 संस्कारो में से जैसे जैसी आयु बढ़ती है उसी के अनुरूप संस्कार किया जाता है विद्यारभ संस्कार निश्चित रूप से कराना चाहिए। संस्कार के द्वारा ही हम संस्कारी बन

सकते है। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में मां भगवती महिला मंडल की बहन चंद्रलेखा गुप्ता, अंजली घाटगे, सीतु ध्रुव, शेखर यादव, संकुल समन्वयक सुभाष शर्मा, प्रधानपाठक संजय कुमार सिन्हा, शिक्षक राजेन्द्र कोंसले, देवेंद्र नागेश, नरेंद्र देवांगन का विशेष सहयोग रहा।
