मातृ एवं शिशु संस्थान-उत्सव, बीजापुर में पहली बार हुई LAVH सर्जरी l 

बीजापुर :- तुरनार के बीजपारा निवासी 45 वर्षीय लक्ष्मी कुछ वर्षों से मासिक धर्म में भारी रक्तस्राव से पीड़ित थी। वह पहले भी कई डॉक्टरों से इलाज करा चुकी थी, लेकिन कोई आराम नहीं मिला। जब वह इस परेशानी के साथ जांच हेतु मातृ एवं शिशु संस्थान, उत्सव आने पर चिकित्सकों की टीम द्वारा समस्या का पता लगाने के लिए उसका परीक्षण किया गया।

परीक्षण उपरांत मरीज के गर्भाशय में एडिनोमायोसिस नामक बीमारी पाई गई। अत्याधिक रक्तस्त्राव के कारण मरीज में रक्त की कमी के कारण एनीमिया हो गया था जिसे दूर करने के लिये रक्त आधान “चढ़ाना” किया गया और दवाएँ शुरू की गईं। चूंकि दवाओं एवं सलाईन बॉटल से भी मरीज के स्वास्थ्य में कोई सुधार नहीं होने के कारण चिकित्सकों द्वारा गर्भाशय को हटाने का निर्णय लिया गया क्योंकि यह गर्भाशय एडेनोमायोसिस के लिए सबसे सटीक एवं सुरक्षित ईलाज है। लक्ष्मी ने मातृ एवं शिशु संस्थान उत्सव, जिला अस्पताल बीजापुर में कराई।

लैप्रोस्कोपिक असिस्टेड वेजाइनल हिस्टेरेक्टॉमी” (LAVH)

यह सर्जरी स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा की गई। यह सर्जरी गर्भाशय निकालने की आधुनिक तकनीकों में से एक है। इस प्रक्रिया में गर्भाशय को निकालने की प्रक्रिया को अंजाम देने के लिए मरीज के पेट पर 2 सेमी से कम का चीरा लगाया जाता है। LAVH से निशान, दर्द और ठीक होने में लगने वाला समय आमतौर पर काफी कम होता है। इसलिए मरीज न्यूनतम आराम की आवश्यकता के साथ अपने रोजमर्रा के काम बहुत जल्द शुरू कर सकते है। मातृ शिशु संस्थान, “उत्सव” में महिलाओं के लिए उपचार के आधुनिक तरीकों की उपलब्धता के साथ यह बांझपन, उच्च जोखिम गर्भावस्था, मासिक धर्म संबंधी विकारों आदि के मरीजों के लिए ईलाज हेतु पसंद का केंद्र बन रहा है।