बचेली :- बैलाडीला से नगरनार तक लोह अयस्क के लिए बिछाई जा रही स्लेरी पाइप लाइन के लिए एन.एम.डी.सी., जिला प्रशासन, फॉरेस्ट और रेवेन्यू सर्वे टीम ग्राम पंचायत बड़े कमेली पहुंची हुई थी। सर्वे टीम को देख ग्रामीणों में आक्रोश के साथ विरोध का भाव देखने मिला। एन.एम.डी.सी. के आश्रित गांव होने के बावजूद भी आस पास के ग्रामीणों में एनएमडीसी के प्रति नाराज़गी देखने को मिलता है आरोप लगते है के एनएमडीसी आज तक जिस प्रकार से स्थानीय लोगो के लिए जो कार्य करना था वो नही करता आया है। केवल जिमेदारियो से अपना पलड़ा झाड़ता रहा है। चाहे वो स्वास्थ्य के क्षेत्र हो या विकास का या रोजगार और शिक्षा का हो। एनएमडीसी केवल अपने जिम्मेदारियों से भागता आया है। निचले स्तर पर भी नौकरी राष्ट्रीय स्तर पर निकाल स्थानीय बेरोजगार युवाओं की अवहेलना करता आया है।
यही कारण था आज सर्वे टीम को गांव वालो के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों के सवालों से एनएमडीसी कर्मचारी बचते नज़र आए। वही मौके पर मौजूद रहे सामाजिक कार्यकर्ता और युवा एकता मंच के संस्थापक सुजीत कर्मा ने एनएमडीसी से उनके पहचान पत्र दिखाने और पंचायत क्षेत्र में आने से पूर्व अनुमति प्रमाण पत्र मांगा। जब भी कोई एनएमसीडी ऑफिस जाते है ज्ञापन सौंपने या अपने बाते रखने या कोई छोटे मोटे कार्यों से भी तो एनएमडीसी द्वारा चेक पोस्ट में ग्रामीणों और जन प्रतिनिधियों के साथ ऐसा ही दूर व्यवहार किया जाता है। इसलिए उनको अहसास दिलाने के लिए ग्रामीणों ने भी आज उनसे उसी लहजे में उनका पहचान पूछा।और उनके आने का कारण,आने से पूर्व पंचायत से अनुमति से संबंधित दस्तावेज़ मांगे। स्थिति बिगड़ती देख भांसी पुलिस प्रशासन की सहायता लेनी पड़ी। बाद में ग्रामीणों ने अपनी मांगो की सूची सौप एनएमडीसी के प्रति अविश्वास जताते हुए पहले मांग पूरी होने और फिर सर्वे करने के लिए और बात करने के लिए बैठक किए जाने की बात कही।
