
जांजगीर-चांपा :- बुजुर्ग समाज और देश के धरोहर हैं। अपने बच्चों की परवरिश करने में यही बुजुर्ग एक समय जी-जान लगा देते हैं। वे अपने बच्चों की खातिर अनेक कष्ट उठाकर पालन-पोषण करते हैं, अपनी अंगुलियों को पकड़कर चलना सिखाते हैं। वे बच्चों के लिए अच्छी सुख-सुविधा जुटाने में कोई कसर नही छोड़ते लेकिन वही बच्चे बड़े होने के बाद बुजुर्ग माता-पिता को बोझ समझने लगते हैं, उक्त बातें विश्व बुजुर्ग दुर्व्यवहार जागरूकता दिवस के अवसर पर यानि कि 15 जून, 2023 को छत्तीसगढ़ स्वर्णकार समाज के प्रदेश प्रभारी संगठन विस्तारक के अध्यक्ष अमरनाथ सोनी जी ने कही। उन्होंने समाचार-पत्रों से सम्बद्ध शशिभूषण सोनी से चर्चा करते हुए बताया कि विश्व बुजुर्ग दिवस 15 जून ,2023 स्वर्णकार समाज के तत्वाधान में एक सुख-दु:ख योजना का शुभारंभ किया गया हैं। जिसमें चांपा मंडल में जहां कही भी बुजुर्ग निवास करते हैं, वहां जाकर आदरपूर्वक भेंट-मुलाकात करने का चरण बद्ध कार्यक्रम बनाया गया हैं। इसी कड़ी में सर्वप्रथम वयोवृद्ध पूर्व नपाध्यक्ष , चांपा रामचरण सोनी एवं उनकी अर्द्धांगिनी श्रीमति सीता देवी सोनी से सप्रेम भेंट किया गया। उनके स्वास्थ्य संबधी सुख-दु:ख और खान-पान की जानकारी ली गई। समाजसेवी अमरनाथ जी ने बताया कि ” मैंने कहा कि कुछ भी मेरे लायक सेवा हो बतायेंगा मैं सदैव तत्पर रहूंगा ” । इसके बाद वार्ड नंबर 06 में निवास करने वाले सेवानिवृत्त दुरसंचार कर्मचारी रमेशकुमार सोनी पिता स्वगीय गोकुल सोनी, द्वारिका प्रसाद एवं शारीरिक दुर्बलता से पीड़ित वृद्धा श्रीमती यशोदा देवी सोनी से भी मुलाकात किया गया। इसके बाद मोहन सोनी से भेंट हुई, उसकी पत्नी को बहुत तकलीफ में हैं, उठ -बैठ नहीं सकती। कमर का आपरेशन हुआ हैं, दवाईयां खरीदने के लिए रुपये नहीं हैं। दवाई हेतु समाज से राशि उपलब्ध कराया जायेगा दवाओं की सूची मंगाया गई हैं। उनसे मुलाकात करने वालों में छत्तीसगढ़ स्वर्णकार समाज के केद्राध्यक्ष श्रीयुत जयदेव सोनी, अनिल कुमार, रमेश कुमार, रामवल्लभ सोनी, शशिभूषण सोनी, छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के उपाध्यक्ष रहे कार्तिकेश्वर स्वर्णकार, आलोक कुमार दिनेश प्रसाद एवं बेटी-बचाओं तथा बेटी -पढ़ाओं की चांपा नगर सह-संयोजिका एवं सामाजिक कार्यकर्त्ता श्रीमति संगिता-सुरेश पाण्डेय , शांता गुप्ता, शशिप्रभा सोनी भी साथ रही। सुख-दु:ख योजना का शुभारंभ कन्नौजियां स्वर्णकार समाज के हर मंडल में किया जा रहा हैं। इसके अंतर्गत बुजुर्गों से भेट-मुलाकात करके उन्हें सम्मान-जनक घर के सदस्यों के साथ मिल-जुलकर जीवन जिने के लिए प्रेरित करना हैं।शशिभूषण सोनी ने कहा कि बुजुर्ग दिवस मनाने की सार्थकता तभी होगी जब हम उन्हें परिवार में समानता और आदर प्रदान करे और सब लोगों से प्यार सहित मिलकर जीवन जीने के लिए प्रेरित करे। युवा वर्ग भी समर्पण भाव से बुजुर्गों की सेवा का संकल्प ले और उनके स्वास्थ्य व सुरक्षा का ध्यान रखते रहे। पूर्व पार्षद श्रीमति शशिप्रभा सोनी, अन्नपूर्णा देवी जी ने कहा कि संस्कारित परिवार में माता- पिता को अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान दिया गया हैं। शास्त्रों पुराणों एवं उपनिषद कि शिक्षावल्लि में यह अनुदेश बार बार दोहराया जाता हैं कि मातृ देवों भव: यानि कि माता-पिता को हम देव तुल्य मानकर उन्हें यथा सम्मान देवे।
