संवाददाता राजेंद्र साहू मगरलोड

मगरलोड:- मगरलोड ब्लाक के ग्राम पंचायत डूमरपाली के आश्रित ग्राम नारधा लगभग 150 वर्ष पूर्व घने जंगलों से घिरा हुआ था। किवदंती के अनुसार बाबा बनवास कुंवर सन्यासी के रूप में आए हुए थे। और साधना में लीन बाबा बनवास कुंवर प्रसिद्धि से आसपास के क्षेत्र में फैल गया। ग्रामीणजनों बाबा के कहे अनुसार ही शुभ कार्य करते थे उन्हीं की प्रेरणा से गांव वालों ने श्रमदान करके तालाब बनाएं जिसका नाम बाबा बनवास कुंवर के नाम से आसपास के लोग जाना जाता है। भारत की आजादी के अमृत महोत्सव के अवसर पर शासन के दिशा निर्देश अनुसार तलाब का नवीनीकरण करने हेतु ग्राम पंचायत के प्रस्ताव में शामिल किया गया। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2022 ,2023 में बाबा बनवास कुमार अमृत सरोवर का निर्माण किया गया लगभग 4 एकड़ क्षेत्र में फैले अमृत सरोवर निर्माण के लिए जिला कार्यालय से गहरीकरण ,टोवाल निर्माण, पचरी निर्माण, इनलेट , व आउटलेट निर्माण हेतु राशि 19.97 लाख रुपये की शासकीय स्वीकृति प्राप्त हुई। 200 ग्रामीण श्रमिक द्वारा 5421 मानव दिवस सृजित किया गया अमृत सरोवर निर्माण में योजना अंतर्गत श्रमिकों के अलावा ग्राम विकास समिति की भी सहभागिता रही है

लगभग 100 साल पुरानी बाबा बनवास कुंवर तलाब के नवीनीकरण के लिए मनरेगा योजना के तहत सर्वसम्मति से प्रस्ताव में लिया गया। तालाब में साफ-सफाई के अभाव में पानी गंदा हो जाता था मनरेगा योजना के तहत 19.97 लाख रुपए की स्वीकृति मिलने से ग्रामीणों में भी नई ऊर्जा का संचार हुआ। जल संरक्षण एवं संवर्धन की महती आवश्यकता को गति दी गई इस तरह बाबा बनवास कुंवर तालाब अमृत सरोवर के रूप में ग्रामीण जनों का सपना साकार हुआ। भारत सरकार के गाइडलाइन अनुसार निर्मित सरोवर में नीम पीपल एवं बरगद पौधे का रोपण किया जाना है। वातावरण की शुद्धता के लिए बाबा बनवास कुंवर अमृत सरोवर में उक्त पौधे का रोपण किया गया पंचायत एवं ग्राम विकास समिति की सहभागिता से सरोवर के चारों ओर बांस से निर्मित 30 नग मा चान पौधे की सुरक्षा व्यवस्था हेतु 50 नग ट्रीगार्ड लगा कर पौधे के बढ़ने का संकल्प लिया गया तलाब के सामने वाले भाग में कंक्रीट ई करण कार्य दीवाल में आकर्षण पेंटिंग का माध्यम से सरोवर को लुभावना बनाया गया धरोहर के रूप में संजोकर रखना भी कर्तव्य समझते हैं ग्रामीणों की सबसे खासियत यह है कि निर्मित सरोवर के आसपास शौच करना पूर्णता प्रतिबंध है यह सिर्फ कहानी ही नहीं बल्कि स्वच्छता की मिसाल को कायम रखे हुए हैं। बनवास कुमार अमृत सरोवर योजना के उद्देश्य के प्रति पूर्ति के लिए बनाया गया है समूह की महिलाएं आर्थिक गतिविधियों से संपूर्णता हो दृष्टि को ध्यान में रखते हुए मत्स्य पालन में नियोजित की जा रही है इससे समूह की महिलाएं स्वरोजगार के प्रति आत्मनिर्भर की कहानी गढ़ रही है।
