सुरेन्द्र मिनोचा:
एमसीबी:- जिले के खड़गवां ब्लॉक के ग्राम पंचायत मंगोरा मे पीडब्लूडी द्वारा स्वीकृत सड़क निर्माण किए बगैर ही ठेकेदार, इंजीनियर, अधिकारियों के द्वारा राशि आहरण किये जाने पर जांचकर कार्यवाही किए जाने की मांग अब जोर पकड़ने लगी है।

इस संबंध में भाजपा मंडल अध्यक्ष रामलाल साहू ने आज पूर्व विधायक श्याम बिहारी जायसवाल एवं अन्य भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ कलेक्टर एमसीबी एवं कार्यपालन अभियंता लोक निर्माण विभाग मनेंद्रगढ़ को मामले की जांच कर दोषियों पर कार्यवाही करने बाबत शिकायत पत्र सौंपा है।अपने पत्र में उन्होंने उल्लेखित किया है कि जनपद पंचायत खड़गवां के अंतर्गत ग्राम पंचायत मंगोरा में मुख्यमंत्री सुगम सड़क योजनांतर्गत मेसर्स ज्योति केसरवानी को बबलू के घर से प्राइमरी स्कूल मंगोरा तक 18.82 लाख राशि का अप्रोच रोड बनाने का टेंडर आईडी CGOR18900 दिया गया था,इसके साथ ही मेसर्स नमन फलाई ऐश ब्रिकस इंडस्ट्रीज को प्राईमरी स्कूल पटपरिहा मंगोरा में एप्रोच रोड लागत राशि
17.61 लाख टेंडर आईडी CGeR19048 प्राप्त हुआ था। उपरोक्त दोनों ही ठेकेदारों को सड़क निर्माण के लिए स्वीकृत संपूर्ण राशि का भुगतान विभाग द्वारा प्रदान कर दिया गया। लेकिन ग्राम पंचायत मंगोरा में एक ही सड़क का निर्माण कराया जा कर दूसरे सड़क की राशि बिना सड़क निर्माण कराए ही आहरण कर लिया गया है,इस तरह से ठेकेदार इंजीनियर व संबंधित अधिकारियों के द्वारा मिलकर धोखाधड़ी कर एवं फर्जी कार्य दिखाकर राशि का आहरण कर लिया गया है। इस पूरे प्रकरण में तत्काल जांच कर संबंधितों पर एफआईआर दर्ज कर अपराधिक मामला पंजीबद्ध किया जाना आवश्यक है। इस पूरे मामले की खबरे अखबारों और मीडिया में प्रकाशित होने के बाद ठेकेदार के द्वारा आनन फानन में ग्राम मंगोरा में विगत 3 दिवस पूर्व रोड निर्माण में 40 एमएम गिट्टी,डस्ट, राखड़ और खराब सिमेंट का उपयोग कर एक वर्ष पूर्व जिस सड़क का भुगतान किया गया था उसका निर्माण किया जा रहा है, जो कि पूर्ण रूप से निर्धारित मानको के विपरीत गुणवत्ता विहीन ही कराया जा रहा है। जिसकी सूचना उपरांत भारतीय जनता पार्टी द्वारा दिनांक 11 जून 2023 को मौके पर पहुंच कर जांच की मांग कर धरना दिया गया था।जिसके बाद खडगवां एसडीएम ने तहसीलदार खड़गवां खलखो को मौके पर भेजकर पंचनामा बनाकर जांच होने तक कार्य रोकने का आदेश दिया गया,लेकिन 11 जून की रात्रि में ही ठेकेदारा द्वारा पुनः कार्य करने का काम किया गया।कलेक्टर एमसीबी को सौंपे अपने पत्र में उन्होंने मांग की है कि शासन के साथ हो रहे इस प्रकार के धोखाधड़ी के कार्य पर त्वरित जांच कराया जाकर संबंधित ठेकेदार सहित विभागीय इंजीनियर व अधिकारियों पर एफआईआर दर्ज की जाए अन्यथा ठेकेदारों और अधिकारियों के हौसले इस तरह के भ्रष्टाचार के लिए और भी ज्यादा बुलंद होंगे।
